
Vishal Dadlani on Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन चर्चा में है। इसी दौरान बीती 10 अगस्त को रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बनी, जिसके बाद आंसू गैस, वॉटर कैनन और बल प्रयोग की खबरें सामने आईं। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के वीडियो सामने आने के बाद अब बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी ने सोशल मीडिया पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर सरकार पर निशाना साधा है।
छात्रों पर हुई इस कार्यवाई के चलते विशाल ददलानी ने अपने वीडियो में कहा कि वो इंस्टाग्राम पर वापस आने के बाद लगातार वीडियो देख रहे हैं और झारखंड में छात्रों के साथ हो रही कार्रवाई से परेशान हैं। वीडियो में उन्होंने कहा, मैं कल इंस्टाग्राम पर वापस आया और कल से वीडियोज देख रहा हूं। झारखंड में स्टूडेंट्स पर जो वायलेंस हुई है वो पूरी तरह गलत है। छात्र जब जायज बात कर रहे हैं, तो सरकारें नाजायज बात कर रही हैं। दिल्ली में भी वही हुआ और दिल्ली में जो हुआ उसके जिम्मेदार होम मिनिस्टर हैं। झारखंड में जो हो रहा है उसके जिम्मेदार चीफ मिनिस्टर हैं। मैं दोनों को बड़े प्यार से और इज्जत से बगैर गाली दिए कहना चाहता हूं कि इंडियन पॉलिटिक्स में एक नारा रहा है जो बहुत असरदार है, जरा ध्यान से सुनें... "कुर्सी खाली करो जनता आती है।"
ददलानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब झारखंड में छात्रों का आंदोलन और तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसे आरोपों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद छात्रों का विधानसभा की ओर मार्च भी हुआ, जिसके दौरान पुलिस के साथ टकराव भी हुआ।
विशाल ददलानी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा था, 'एक मित्र से, एक फ्रैंड तक… #Education #GasLighting #NEET’। इस वीडियो में वो मजाकिया अंदाज में बोल रहे थे कि आज मैं लंबी-लंबी छोड़ना चाहता हूं…ओह मतब बात करूं। अब क्या है कि टियर गैस बरसी तो कोई बात नहीं, डंडे पड़े या गोलियां चली तो कोई बात नहीं। लेकिन देश के युवा अगर गाली दें तो देश के संस्कार कहां जा रहे हैं, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आप सोच सकते हैं? हमारे दिल को बहुत दर्द हुआ है। लेकिन गोलियां चली है तो कोई बात नहीं, किसी को नुकसान हुआ है तो कोई बात नहीं। अरे हां आपके घर भी गुंडे आएंगे। एफआईआर भी करवाए जाएंगे, लेकिन कोई बात नहीं। मतलब फेशियल रिकग्निशन से वो भी उस पे बुरा मत मानिए उसमें कोई बड़ी बात नहीं है। बच्चे जिन्होंने अपनी आवाज उठाई, उन्हें भी कुचला जाएगा। आक्रोश है, लेकिन गाली नहीं।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब विशाल ददलानी ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है, पिछले कुछ महीनों में विशाल ददलानी लगातार छात्र आंदोलनों, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं।