
नोएडा। ठन गई!
मौत से ठन गई!
जूझने का मेरा इरादा न था,
मोड़ पर मिलेंगे, इसका वादा न था,
रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई,
यूं लगा जिंदगी से बड़ी हो गई।
ऐसी-ऐसी बेहतरीन कविताओं को लिखने वाले भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee Critical) की हालत अभी भी बेहद नाज़ुक बनी हुई है। उन्हें एम्स (AIIMS) में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। वाजपेयी को देखने के लिए अस्पताल में नेताओं का आना-जाना लगा हुआ है। जगह-जगह देश में दुआएं की जा रही हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे पहले कई बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौत की अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। जिसके बाद कई लोगों ने तो वाजपेयी को श्रद्धांजलि तक दे डाली थी। हालांकि उस समय भी नोएडा के कुछ युवाओं ने इस बात का खंडन करते हुए लोगों को जागरुक किया था।
दरअसल, इसी वर्ष मार्च माह में कुछ शरारती लोगों ने सोशल मीडिया पर अटल बिहारी वाजपेयी की मौत की अफवाह शुरू कर दी थी। जिसके बाद लोगों ने इसे सच मानते हुए ट्वीट कर श्रद्धांजलि भी दे डाली थी। जिसके बाद नोएडा के युवाओं ने इस बात की सच्चाई जानकर लोगों को स्पष्ट किया कि यह महज एक अफवाह है।
नोएडा भाजपा किसान मोर्चा के दिनेश चौहान बताते हैं कि सोशल मीडिया पर मार्च माह में कुछ लोगों ने यह अफवाह शुरू कर दी थी कि हमारे प्रिय अटल जी की मौत हो गई है। जिसके बाद कई लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर ही श्रद्धांजलि देना भी शुरू कर दिया था। लेकिन जब हमें इसके बारे में पता चला तो हमने इसका पता कर लोगों को बताया कि यह महज एक अफवाह है और इस पर ध्यान न दिया जाए।
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गौरतलब है कि 2009 से ही अटल बिहारी वाजपेयी स्ट्रोक की समस्या से पीड़ित हैं जिसके बाद से उनकी बोलने की क्षमता भी प्रभावित हो चुकी है। वह डिमेंशिया और डायबिटीज जैसी बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। फिलहाल एम्स में उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।