ई-कॉमर्स कंपनी और 100 फीसदी एफडीआई के विरोध में बुलाए गए भारत बंद के कारण आज देशभर सहित वेस्ट यूपी के दवा कारोबारी हड़ताल पर
नोएडा. ई-कॉमर्स कंपनी और 100 फीसदी एफडीआई के विरोध में बुलाए गए भारत बंद के कारण आज देशभर सहित वेस्ट यूपी के दवा कारोबारी हड़ताल पर हैं। बता दें कि केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन ऑफ यूपी ने प्रदेशभर में दवा की दुकानों को बंद रखने का फैसला लिया था। इसके चलते आज यानी शुक्रवार को नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद समेत पूरे वेस्ट यूपी सभी मेडिकल स्टोर बंद हैं। इससे आम लोगों को दिक्कत बढ़ना तय है।
बता दें कि देशभर के दवा कारोबारी ई-फार्मेसी का विरोध कर रहे हैं। वे इस पर सरकार से ऐतराज भी जता चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने आज एक दिन की हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके लिए एक बार फिर भारत बंद का आह्वान किया गया है। मुरादाबाद ड्रग्स केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष साहित्य प्रकाश रस्तोगी ने बताया कि सरकार एक्ट लागू करने की तैयारी में है, जिसका हम विरोध कर रहे हैं। इससे न सिर्फ दवा कारोबारियों बल्कि मरीजों को भी नुकसान होगा। इसलिए सभी केमिस्ट इसका विरोध कर रहे हैं। आज सभी थोक व रिटेल मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे।
यहां बता दें कि केमिस्ट अपनी हड़ताल को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से रणनीति बना रहे थे। इसके विरोधमें दुकानों पर केमिस्टों ने काला फीता बांधकर भी काम किया। यह भी बता दें कि इस महीने का यह तीसरा भारत बंद है। सबसे पहले एससी एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण वर्ग के लोगों ने भारत बंद किया था। उसके बाद बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस के आह्वान पर विपक्षी दलों ने भारत बंद किया था। इन सभी मकसद केंद्र की मोदी सरकार पर दबाव बढ़ाना था। अब व्यापारी संगठनों का भारत बंद मोदी सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि नोटबंदी और जीएसटी के बाद व्यापारी वर्ग वैसे भी केंद्र सरकार से खफा है। फिर इस तरह के कारोबारियों का भी नाराज होना भाजपा के लिए मुसीबत से कम नहीं है।