
नोएडा। भाजपा के पदाधिकारियों और सरकारी अधिकारियों में लगता है अभी तक बात बिगड़ी हुई है। कई बार भाजपा नेता आरोप लगा चुके हैं कि अधिकारी उन्हें सुनते नहीं हैं। इसकी शिकायत भी कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई है। इतना ही नहीं कैराना में मिली हार के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में भी अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। अब ताजा मामला भाजपा पदाधिकारी व सरकारी अधिकारी में तनातनी का ताजा मामला मेरठ में सामने आया है।
एसएसपी को लिखी चिट्ठी
मेरठ में भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष ने चिट्ठी लिखकर एसएसपी को चेतावनी दी है। मामला सपा सरकार में भाजपाइयों पर दर्ज मुकदमे को लेकर है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एसएसपी राजेश पांडेय को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि भाजपाइयों को पुलिस कमजोर न समझे।
इनके खिलाफ दर्ज हुए थे मुकदमे
दरअसल, सपा सरकार में भाजपा विधायक संगीत सोम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के भतीजे एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष विवेक वाजपेयी, भाजपा नेता संजीव शर्मा, महानगर महामंत्री कमलदत्त शर्मा और पूर्व पार्षद संजीव अग्रवाल समेत कई लाेगों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में मुकदमे दर्ज हुए थे। कुल 54 केस अलग-अलग थानों में दर्ज किए गए थे।
34 केस में लगी चार्जशीट
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार गद्दी पर बैठी और सपा की विदाई हो गई। इसके बाद से अब तक ऐसे 34 मुकदमों में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें भाजपा के फायरब्रांड विधायक संगीत सोम भी शामिल हैं। इसको लेकर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आराेप लगाया कि चार्जशीट दाखिल करने वाले पुलिसवालों के सपा के साथ मिलीभगत है। उनकी जांच होनी चाहिए। आरोप है कि ये सभी केस राजनीतिक साजिश के तहत लगाए गए हैं। इसको लेकर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एसएसपी को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी। इस बारे में लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि भाजपा का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी भाजपाई के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई तो पुलिस के लिए अच्छा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्ष होकर काम करे। भेदभाव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा।