नोएडा

कैराना-नूरपुर उपचुनावः विपक्ष की सेंधमारी को रोकने के लिए बीजेपी ने शुरू की किलेबंदी, बनाया खास प्लान

'सपा जातीय गठजोड़ बनाने में जुटी लेकिन कैराना में उनका मंसूबा नहीं होगा कामयाब'
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May 10, 2018
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नोएडा। 2019 से पहले गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों में करारी शिकस्त झेलने के बाद बीजेपी के लिए कैराना उपचुनाव नाक का सवाल बन गई है। बीजेपी किसी भी किमत पर अपनी सीट खोना नहीं चाहती, जिसके लिए कैराना में नेताओं और कार्यक्ताओं ने मोर्चा संभाला हुआ है। इतना ही नहीं विपक्ष की सेंधमारी को नाकामयाब करने के लिए पार्टी ने कैराना लोकसभा उपचुनाव में किलेबंदी भी शुरू कर दी है।

प्रदेश महासचिव और विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने उपचुनाव को लेकर विपक्ष पर रोजदार वार किया है। जीत से आश्वस्त विजय बहादुर पाठक ने कहा कि विपक्ष लाख कोशिश कर ले लेकिन उनका जातीय गठजोड़ बीजेपी को नहीं हरा पाएगा। इस दौरान उन्होंन ये भी कहा कि कैराना लोकसभा उपचुनाव और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में विपक्ष अभी अपने दांव पेंच में ही उलझा हुआ है। गठबंधन का पार्टियां बीजेपी को हराने के लिए जातीय समिकरण बैठाने में जुटी हैं, न कि अपने जीतने के लिए।

प्रदेश महासचिव और विधान परिषद सदस्य पाठक ने कहा कि कैराना में इस बार भी कमल खिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों और लोक कल्याणकारी योजनाओं की बदौलत पार्टी को जीत मिलेगी। यह जीत आगे के लिए हमे मजबूती प्रदान करेगी।

इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी हमला बोला और कहा वो फिलहाल अपनी पार्टी को बचाने की लडाई लड़ रहे हैं। इसीलिए वह जातीय गठजोड़ की कवायद में जुटे हैं, लेकिन कैराना में उनका मंसूबा कामयाब नहीं होगा। यहां मोदी की नीतियों की जीत होगी।

आपको बता दें कि कैराना से सांसद हुकुम सिंह और नूरपुर विधानसभा सीट पर विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के निधन के बाद ये सीटें खाली हुई थी। कैराना से जहां हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह बीजेपी से उम्मीदवार हैं, वहीं नूरपुर में अवनी सिंह को बीजेपी ने मैदान में उतारा है। उपचुनाव के लिए मतदान 28 मई को होना है।

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Published on:
10 May 2018 01:03 pm