10वीं व 12वीं की परीक्षा देने जा रहे डायबिटीज से पीड़ि‍त स्टूडेंट्स अपना टिफिन बॉक्स ले जा सकते हैं अंदर
नोएडा। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। इसके लिए गाजियाबाद में कुल 42 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां पर लगभग 45 हजार बच्चे पेपर दे रहे हैं। इस बार परीक्षा के दौरान बच्चों को विशेष राहत दी गई है। बोर्ड ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके अनुसार 10वीं व 12वीं की परीक्षा देने जा रहे स्टूडेंट्स को अगर डायबिटीज है, तो वे अपना टिफिन बॉक्स भी अंदर ले जा सकते हैं। बता दें कि डायबिटीज टाइप-1 से पीड़ित छात्रों को थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ खाने की जरूरत होती है ताकि उन्हें हाईपोग्लीसीमिया की समस्या न हो। यह देखते हुए बोर्ड ने ऐसी व्यवस्था की है।
दिव्यांग बच्चों का भी रखा गया ध्यान
जिला समन्वयक सीबीएसई ज्योति गुप्ता का कहना है कि आज से परीक्षा शुरू हो गई है। वहीं बार डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष राहत दी गई है। वे अपना लंच बॉक्स परीक्षा केंद्र में ले जा सकते हैं। इतना ही नहीं दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप, व्हीलचेयर और अन्य सुविधाएं भी परीक्षा केंद्रों में उपलब्ध होंगी। सीबीएसई के सह समन्वयक गौरव बेदी ने बताया कि दिव्यांग व बीमार बच्चों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश बोर्उ की तरफ से दिए गए हैं। बोर्ड के सख्त निर्देश हैं कि उनको किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसको देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर दिव्यांग बच्चों के लिए अलग से कमरे की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कमरे में स्पेशल मेज-कुर्सी की सुविधा रखी गई है।
डॉक्टर भी देते हैं यह सलाह
परीक्षा में डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए भी अलग से कमरे की व्यवस्था की गई है। ऐसे बच्चे अपने साथ खाना भी ला सकते हैं और भूख लगने पर परीक्षा के दौरान ही खा भी सकते हैं। डॉक्टर भी डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को परीक्षा के दौरान खाने का सामान साथ ले जाने की सलाह देते हैं। उन्हें अपनी दवा भी साथ में रखनी चाहिए। उनको अपने पर्यवेक्षक को बीमारी के बारे में पहले ही बता देना चाहिए।
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