उनके अनुसार, 18 मार्च 2018 से चैत्र नवरात्रि के साथ ही हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2075 प्रारंभ होगा। इस नवीन संवत्सर का नाम विरोधकृत होगा, जो रुद्रविंशतिका का 5वां संवत्सर है। विरोधकृत संवत्सर के शुरू होते ही नया आकाशीय मंत्रिमंडल भी सक्रिय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदू पर्व/त्योहार, विवाह संस्कार, मुंडन, अनुष्ठान, गृह निर्माण आदि कार्य नव संवत्सर की तिथियों के अनुसार ही मनाए जाते हैं।