सरकार और विपक्ष ने की पुनर्मतदान की मांग, राज्य चुनाव आयोग ने साफ किया अगर जरुरत पड़ी तो दुबारा मतदान कराए जा सकते हैं
कैराना। भीषण गर्मी के बीच शामली के कैराना और बिजनौर के नूरपुर में उपचुनाव तो संपन्न हो गए, लेकिन सैकड़ों ईवीएम में आई खराबी के बीच विपक्ष ने जमकर हंगामा मचाया और दोपहर के बाद से ही आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। जिसके बाद चुनाव आयोग की निर्देश के बाद दोनों सीटों के कई बूथों पर देर रात तक मतदान चलता रहा। कैराना के हरपाली बूथ पर रात 11: 30 बजे वोटिंग खत्म हुई। इस बीच सरकार और विपक्ष दोनों ने पुनर्मतदान की मांग कर दी है। जिस पर संज्ञान लेते हुए राज्य चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि अगर जरुरत पड़ी तो दुबारा मतदान कराए जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक आज शामली और बिजनौर के जिला निर्वाचन अधिकारी चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे।
दरअसल कैराना और नूरपुर में सुबह मतदान शुरू होने के साथ ही ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की खबरें सामने आने लगीं। जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाना शुरू कर दिया और चुनाव आयोग के यहां शिकायत करने पहुंच गए। इतना ही नहीं मतदान करने के लिए घंटों लाइन में लगने के बाद कई वोटर बिना मतदान किए ही वापस लौटने लगे। इन सब के बीच बीजेपी ने भी ईवीएम की में खराबी की शिकायत की। दिन भर राजनीतिक गहमागहमी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर ईवीएम में गड़बड़ी होने की शिकायत की। इतना ही नहीं उन्होंने कहा ''किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवान भरी धूप में वोट डालने के लिए अपनी बारी के इंतजार में भूखे-प्यासे खड़े हैं। ये तकनीकी खराबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साजिश। इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जाएगी।'
इन शिकायतों पर चुनाव आयोग ने ईवीएम में खराबी की वजह गर्मी को बताया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वरलू ने बताया कि वोटिंग के दौरान करीब कैराना में 172 स्थानों पर वीवीपैट खराब होने की शिकायतें मिली थी, जिन्हें बदल कर वोटिंग कराई गई। बता दें कि कैराना लोकसभा सीट लगभग 54 और नूरपुर विधानसभा सीट पर करीब 61 फीसदी मतदान हुआ है जो कि 2014 के मुतकाबले काफी कम बताया जा रहा है।
वहीं कम वोटिंग और शिकातों के मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि जहां-जहां से शिकायते मिली हैं वहां से रिपोर्ट आने के बाद उन वोटिंग सेंटर्स पर पुनर्मतदान के संबंध में आयोग की ओर से जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। आपको बता दें कि उपचुनावों के नतीजे 31 मई को आएंगे। अब देखना होगा राज्य चुनाव आयोग क्या निर्णय लेता है।