Govardhan Puja 2021: दीपावली के बाद आज देशभर में गोवर्धन पर्व की धूम है। गोवर्धन के दिन खासकर उत्तरी भारत में गाय के गोबर का गोवर्धन घर के आंगन में बनाया जाता है। जिसके बाद उसकी पूजा की परंपरा है। गोवर्धन की पूजा आमतौर पर सांयकालीन मानी जाती है। इसलिए गोवर्धन भी दिन में घर के आंगन में बना लिया जाता है। उसके बाद श्रद्धालुगण अपने सामर्थ के अनुसार गोवर्धन भगवान को भोग लगाते हैं और उसकी पूजा करते हैं। लेकिन गोवर्धन के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
Govardhan Puja 2021: दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पर्व मनाया जाता है। इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा की जा जाती है। वहीं गोवर्धन पर्वत जिसे श्रीकृष्ण जी ने अपनी अंगुली पर उठाया था। आज गोर्वधन पर्व के मौके पर गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसकी पूजा की जाएगी। गोवर्धन पूजा में गाय माता की पूजा करने की भी परंपरा है। अगर आप भी गोवर्धन पूजा करते हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें।
गोवर्धन पूजा भूलकर भी बंद कमरे में न करें। बंद कमरे में गोवर्धन पूजा करना अशुभ माना जाता है। गोवर्धन पूजा में गाय का बहुत महत्व है। इसलिए गायों की पूजा करते समय भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करना बिलकुल न भूलें। परिवार के सभी लोग एक साथ मिलकर गोवर्धन पूजा करें। अलग-अलग होकर पूजा करना अशुभ माना जाता है। गोवर्धन पूजा में कभी भी काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
पूजा में हल्के पीले या नारंगी रंग के कपड़े पहनें। गोवर्धन पूजा के समय गाय, पौधों, जीव-जंतु आदि को भूलकर भी न सताएं और न ही उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान पहुंचाएं। गोवर्धन पूजा करते समय किसी भी प्रकार की नशीली वस्तु का सेवन नहीं करना चाहिए। गोवर्धन पूजा के समय मांस का सेवन नहीं करना चाहिए।