Kharmas Malmas 2018 : 14 मार्च की रात से खरमास (मलमास) शुरू हो जाएगा, जिसके बाद एक महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्य
नोएडा। 14 मार्च की रात से खरमास (मलमास) शुरू हो जाएगा, जिसके बाद कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। शुभ कार्यों पर यह ब्रेक करीब एक महीने तक रहेगी। इससे पहले 23 फरवरी से होलाष्टक लगने के कारण आठ दिन तक शुभ कार्य रोक दिए गए थे। इसके बाद 3 मार्च से शादियां शुरू हुई थीं। लेकिन अब 14 मार्च की रात से फिर इन पर ब्रेक लग जाएगा।
क्या है खरमास या मलमास
गाजियाबाद के रहने वाले पंडित बद्री नाथ शर्मा के अनुसार, सूर्य प्रत्येक राशि में लगभग एक माह तक रहता है। जब यब गुरु की राशियों धनु और मीन में आता है तो इसे मलमास कहा जाता है। जिस प्रकार श्राद्ध पक्ष में नए और शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है, उसी प्रकार खरमास में भी कुछ विशेष कार्यों को वर्जित माना गया है। उन्होंने कहा कि सूर्य प्रत्येक राशि में पूरे एक माह के लिए रहता है। पूरे वर्ष यानी 12 महीनों में वह 12 राशियों में प्रवेश करता है। इसी कारण वर्ष भर में शुभ और अशुभ मुहूर्त परिवर्तित होते रहते हैं। 12 राशियों में भ्रमण करते हुए जब सूर्य गुरु यानी बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करता है तो खरमास प्रारंभ हो जाता है।
कब से कब तक
पंडित बद्री नाथ शर्मा के मुताबिक, इस बार सूर्य 14 मार्च की रात्रि में मीन राशि में प्रवेश करेगा। बुधवार को दिनांक 14 मार्च 2018 को रात्रि 11.42 बजे से सूर्य के मीन राशि में गोचर प्रारंभ करने के साथ ही मलमास की शुरूआत हो जाएगी, जो 14 अप्रैल 2018 (शनिवार) को प्रातः 8.12 पर समाप्त होगा। शुभ कार्य इसके बाद ही हो सकेंगे। मतलब 14 अप्रैल तक सूर्य इस राशि में भ्रमण करेगा। इसके पश्चात् सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा, जिस कारण विवाह आदि मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
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इन राशि के लोगों पर पड़ेगा प्रभाव
सूर्य के मीन राशि में जाने से गुरु की राशि धनु व मीन और सूर्य की राशि सिंह के जातक प्रभावित होंगे। इन तीन राशि वाले जातक स्वाभाविक रूप से शिथिल महसूस करेंगे। इस एक माह के दौरान इनका किसी काम में मन नहीं लगेगा। थकान और आलस इन पर हावी रहेगा। स्वास्थ्य में भी गिरावट आएगी।
खरमास प्रारंभ- 14 मार्च 2018 रात्रि 11.42 बजे
समाप्त- 14 अप्रैल 2018 प्रात: 8.12 बजे तक