
Noida High Rise Fire: नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्य सोसाइटी में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक हाईराइज टावर की 21वीं मंजिल पर बने फ्लैट में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और ऊपरी मंजिल से आग की तेज लपटें और काले धुएं का गुबार निकलने लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग भी हैरान रह गए।
आग लगते ही सोसाइटी में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अपने फ्लैट छोड़कर नीचे की ओर भागने लगे, जबकि कुछ लोग बालकनी में आकर मदद का इंतजार करते दिखाई दिए। सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया और पुलिस व दमकल विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने के लिए दमकल की छह गाड़ियों को लगाया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। साथ ही रेस्क्यू टीम ने टावर में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में किसी के घायल होने या किसी के अंदर फंसे होने की खबर नहीं है। यह पूरा मामला सेक्टर-113 थाना क्षेत्र का है।
शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि फ्लैट में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में ब्लास्ट होने के बाद आग लगी। गर्मी के मौसम में लगातार एसी चलने से ओवरहीटिंग की वजह से यह हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने और मौके का निरीक्षण करने के बाद ही हादसे की असली वजह का पता चल सकेगा। जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर आग लगने के कारणों की पुष्टि की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई घायल मिलता है तो उसे तुरंत बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और हालात पूरी तरह सामान्य होने तक प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रखे।
इस घटना ने एक बार फिर नोएडा की हाईराइज सोसायटियों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में सेक्टर-74, सेक्टर-52 और अन्य कई सोसायटियों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में लोग मांग कर रहे हैं कि सभी बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम, बिजली के उपकरणों और एसी की समय-समय पर जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के बड़े हादसों से बचा जा सके।
फिलहाल दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। आग पर काबू पा लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आग वास्तव में एसी ब्लास्ट से लगी थी या इसके पीछे कोई और वजह थी।