भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का पहला सत्र मेरठ में शनिवार को शुरू हो गया है
नोएडा। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का पहला सत्र मेरठ में शनिवार को शुरू हो गया है। इसके साथ ही भाजपा ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए शंखनाद भी कर दिया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में दलित वोटबैंक के अलावा मुस्लिमों को अपनी तरफ करने कर भी विचार होगा। आपको बता दें कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा को तीन तलाक का मुद्दा उठाने का फायदा मिला था। इस बार भी भाजपा की निगाहें इस पर हैं। इसको लेकर पार्टी में एक ऐसी मुस्लिम महिला को शामिल कराने की बात सामने आ रही है, जिसका फायदा पार्टी काे आम चुनाव में मिल सकता है।
तीन तलाक और हलाला के खिलाफ छेड़ी है मुहिम
दरअसल, आला हजरत खानदान की पूर्व बहू निदा खान ने तीन तलाक और हलाला के खिलाफ मुहिम छेड़ी हुई है। चर्चा चल रही थी वह जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकती हैं। भाजपा में भी इसको लेकर गंभीर विचार -विमर्श चल रहा है। निदा खान ने भी इच्छा जताई है कि उनकी सदस्यता भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में हो। उन्होंने अपनी इस इच्छा से पार्टी को भी अवगत करा दिया है।
भाजपा की सदस्यता लेने की तैयारी में
तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह जैसे मुद्दे पर संघर्ष कर रही बरेली की निदा खान अब भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की तैयारी में है। निदा खान का कहना है कि भाजपा की ओर से उनसे पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने का प्रस्ताव आया था। इस मामले में उनकी पार्टी के कई नेताओं से बात भी हो चुकी है। उन्हें बस पार्टी की तरफ से न्योते का इंतजार है। उनका कहना है कि वह 2016 से आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी नामक एनजीओ चला रही है। इसके जरिये वह तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह पीड़ित महिलाओं की मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अकेली ऐसी राजनीतिक पार्टी है, जो इन महिलाओं के हक के लिए लड़ रही है।
क्या कहना है भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का
वहीं, इस बारे में मेरठ पहुंचे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. महेन्द नाथ पांडे ने कहा कि निदा खान को पार्टी की सदस्यता दिलवाने पर शीर्ष स्तर पर विचार किया जा रहा है। समय आने पर उनको भाजपा में शामिल किया जाएगा। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भी इस पर चर्चा की जाएगी।
खुद तीन तलाक पीड़िता हैं निदा
24 साल की निदा खान खुद तीन तजलाक पीड़िता हैं। कुछ दिन पहले दरगाह आला हजरत ने उनके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का फतवा जारी किया था। अब निदा खान तीन तलाक और हलाला पीड़ितों के लिए एक एनजीओ चालती हैं।