Noida Labour Protest: नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद मामला गरमा गया है। श्रंम मंत्री ने इसके पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन और साजिश की आशंका जताई है। वहीं विपक्ष ने सरकार के साजिश वाले दावे पर सवाल उठाए हैं।
Noida Labour Protest: नोएडा में सोमावर को श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए थे और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया था। इस घटना के बाद प्रदेश की राजमनीति भी गरमा गई है। इस मामले में जांच आगे बढ़ने पर सरकार ने इसे साजिश का नाम दिया। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना को साजिश बताए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। इसी बीच यूपी सरकार में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बड़ा बयान देते हुए इस पूरी घटना के पीछे साजिश और पाकिस्तानी कनेक्शन की आशंका जताई है।
अनिल राजभर ने अपने बयान में कहा कि इस मामले का पाकिस्तान से कनेक्शन हो सकता है। अभी हाल ही में मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी जो पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े हुए थे। ऐसे में प्रदेश में अस्थिरता फैलाने के लिए बाहरी ताकतें सक्रिय हो सकती हैं। जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं।
श्रम मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि इस हिंसा का उद्देश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर में होने वाले कार्यक्रम को प्रभावित करना भी हो सकता है। उनका मानना है कि प्रदेश सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर कुछ देश विरोधी ताकतें ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रही हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता को कमजोर करने की कोशिश बताया और कहा कि सरकार ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।
अनिल राजभर ने श्रमिकों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि उग्र आंदोलन किसी समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि संवाद ही सबसे बेहतर रास्ता है। सरकार श्रमिकों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रमिकों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है और उनके कल्याण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह सब साजिश थी, तो खुफिया तंत्र पहले से सतर्क क्यों नहीं था। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मजदूरों के आंदोलन को साजिश बताकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। आगे उन्होंने कहा अगर आप उनकी समस्या को नहीं समझ सकते तो कम से कम उस पर नमक तो न छिड़कें। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अगर सरकार से प्रदेश ठीक से नहीं संभल रहा है, तो उसे सम्मान के साथ पद छोड़ देना चाहिए, वरना जनता खुद उन्हें हटा देगी।