
नोएडा। अगर आप भी सोसायटी में रहते है और आप का घर गौतमबुद्ध नगर जिले में है तो यह खबर आपके काम की है। इसकी वजह बिल्डर द्वारा बिजली को लेकर ज्यादा पैसे की वसूली से मुक्ति मिलना है। दरअसल बायर्स एसोसिएशन नेफोमा के साथ बैठक के बाद एनपीसीएल ने गौरसन्स, सुपरटेक इको विलेज महागुन, और वेदान्तम समेत अन्य बिल्डरों को लेटर जारी कर प्रीपेड बिजली समेत अन्य शुल्कों के नाम वसूली करने पर कार्रवाई के आदेश दिये है।
उत्तर प्रदेश बिजली नियामक आयोग (यूपीईआरसी) द्वारा पारित बिजली दरों के अनुसार, बिजली शुल्क के अलावा अन्य शुल्क, यानी सामान्य क्षेत्र रखरखाव परिवर्तन, जल शुल्क, क्लब शुल्क आदि की कटौती प्री-पेड बिजली के मीटरों से नहीं की जाएगी। इतना ही नहीं अंतिम उपभोक्ता के बिजली की आपूर्ति को अन्य शुल्कों से संबंधित भुगतानों में चूक के बहाने काटा नहीं किया जाएगा।
बायर्स एसोसिएशन अध्यक्ष अनु खान ने एनपीसीएल के पदाधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिल्डर ने बिजली के बिल में लगातार मनमानी का व्यवहार रखा और हमारी तमाम बिजली की शिकायतों को अनदेखा किया। इससे परेशान होकर ही बायर्स को एनपीसीएल में बिल्डर के खिलाफ शिकायत देनी पड़ी। इसी पर एनपीसीएल के अधिकारियों ने यह क़दम उठाया।