
नोएडा। पिछले कुछ दिनों से सलाद और सब्जी से गायब हुई प्याज एक बार फिर से आम आदमी की पहुंच में आ सकती है। इसकी वजह (onion price decrease ) प्याज के दामों में गिरावट आना है। प्याज के भाव (Vegetable market) मंडी के साथ ही छोटे बाजारों में भी कम हो गये। इसकी वजह हाल ही में नासिक और अफगानिस्तान के बाद मिस्र से देश में प्याज का आयात होना है। ऐसे में बढिय़ा प्याज के दाम 150 से घटकर 80 से 90 रुपये के बीच आ गया है।
तेजी से बढ़ गये थे प्याज के दाम
दरअसल बारिश के चलते फसल खराब होने और आयात में देरी व (Black Market) काला बाजारी के चलते प्याज के दाम तेजी (Onion Price Rised) से बढ़ गये थे। (NCR) एनसीआर समेत कई इलाकों में प्याज सौ से डेढ़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। (ONION PRICE) प्याज के दाम कम करने को लेकर सरकार और जिला प्रशासन का दावा फेल होता दिखाई दिया। हालांकि,नोएडा जिला प्रशासन अभी भी 38 रुपये प्रति किलो प्याज बेच रहा है। प्रशासन की तरफ से वैन के जरिये भी प्याज बेची जा रही है।
अब प्याज के दामों में आई भारी गिरावट
वही बढ़ती प्याज की कीमतों को देखते हुए लोगों ने खरीदना बंद करने के साथ ही कम कर दिया था। उधर अफगानिस्तान से लेकर मिस्र के देश से प्याज का आयात शुरू हो गया है। जिसे प्याज की दामों में गिरावट आ गई है। रविवार को भी नोएडा में प्याज 50 से 60 रुपये किलो बेचा गया। हालांकि प्रशासन द्वारा 38 रुपये प्रति किलो प्याज बेचा गया। सब्जी विक्रेता अरविंद्र ने बताया कि बढ़ती कीमत के बाद प्याज की बिक्री में भी कमी आई है। उन्होंने बताया कि अब मार्केट में प्याज बढ़ा है।जिसके साथ कीमतें भी लगभग आधी हो गई है। अच्छी प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलो बेची जा रही है, तो वही 50 से 60 रुपये किलो के भी दाम चल रहे है।
प्रशासन ने भी प्याज जमाखोरी वालों के खिलाफ की कार्रवाई
उधर प्रशासन ने भी प्याज के बढ़ते दामों को देखकर जमा खोरी करने वाले सब्जी वालों पर कार्रवाई की। जिसके तहत डीएम बीएन सिंह ने प्याज की जमा खोरी कर रहे लोगों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की। इसके साथ ही मार्केट में जिला प्रशासन 38रुपये किलो प्याज बेच रहा है।