
नोएडा। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए अक्सर लोग सोमवार का व्रत करते हैं लेकिन सावन के सोमवार का विशेष महत्व है। सावन के सोमवार को मंदिरो और शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ होती है। सावन के महीने में जितना महत्व इसके सोमवार का व्रत रखने का होता है उससे कहीं ज्यादा फल इस महीने पड़ने वाली शिवरात्रि का भी होता है। इस साल 9 अगस्त को सावन की शिवरात्रि पड़ रही है। शिवरात्री के दिन त्रिकालदर्शी का जलाभिषेक करने पर कई फल प्राप्त होेते हैं।
वैसे तो वर्ष में 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि और सावन की शिवरात्रि का काफी महत्व है। माना जाता है कि इस व्रत को रखने वालों के पापों का नाश होता है। शादी-शुदा के अलावा अगर कुंवारी लड़कियां या फिर कंवारे लड़के इस व्रत को सच्चे मन से रखते हैं तो उन्हें मनचाहा वर या वधू मिलता है।
कैसे करें पूजा-
देवो में देव महादेव तीनों लोकों में ऐसे है जो भक्तों पर बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन शिवरात्री के दिन आप मनचाहे फल की प्राप्ती के लिए विशेष पूजा कर सकते हैं। शिवजी को प्रसन्न करने के लिए सुबह उठ कर स्नान करके घर या मंदिर में शिव जी की पूजा करें। शिव जी के साथ माता पार्वती और नंदी को भी पंचामृत जल अर्पित करें। ऐसा करने के बाद शिवलिंग पर शिव मंत्र :ॐ नमः शिवाय करते हुए फल-फूल, मिठाई और दूध-हदी जाप के साथ चढ़ाते जाएं।
महादेव को प्रसन्न करने के लिए मंत्र-
भगवान शंकर अपने सभी भक्तों की पीड़ा हरते हैं। इसलिए कोई भी भक्त अगर शिव मंत्र, शिव श्लोक , महामृत्युंजय मंत्र, शिव स्तुति और शिव गायत्री मंत्र नहीं भी जनता हो और सिर्फ ॐ नमः शिवाय का मंत्रोउच्चारण भी करे तो महादेव उनकी रक्षा को तत्पर रहते हैं, लेकिन विधिवत शिव पूजन और शिव मंत्रो से भी वो प्रसन्न होते है। इसके साथ ही इन मंत्रों का भी जाप करना चाहिए…
कर्पूर गौरमं कारुणावतारं, संसार सारम भुजगेंद्र हारम |
सदा वसंतां हृदयारविंदे, भवम भवानी साहितम् नमामि ||
मंगलम भगवान शंभू , मंगलम रिषीबध्वजा ।
मंगलम पार्वती नाथो, मंगलाय तनो हर ।।
सर्व मंगल मङ्गल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके ।
शरण्ये त्रंबके गौरी, नारायणी नमोस्तुते ।।