नोएडा

वाहन चालकों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, अब किसी का नहीं कटेगा चालान !

परिवहन विभाग ने किया बड़ा बदलाव, अब ड्राइविंग लाइसेंस की हार्ड कॉपी रखना जरूरी नहीं सरकार ने लोकों को राहत देने के लिए जारी किया उत्तर प्रदेश परिवहन ऐप ओडिशा के संबलपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कटा है 6 लाख 53 हजार 100 रुपये का चालान

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Sep 15, 2019

नोएडा. नया मोटर व्हीकल एक्ट-2019 ( (New Motor Vehicle Act-2019) के लागू होने के बाद बढ़ी हुई चालान की दर को देखते हुए लोगों के होश उड़े हुए हैं। छोटी-छोटी खमी निकलने पर लोगों के हजारों के चालान कट रहे हैं। नया कानून लागू होने के बाद देश में अब तक का सबसे बड़ा चालान ओडिशा में काटा गया है। ओडिशा के संबलपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर एक ट्रक के मालिक को 6,53,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। ओडिशा परिवहन विभाग (Odisha Transport Department)ने 7 ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के आरोप में ट्रक मालिक को भारीभरकम चालान की रसीद सौंपी।


ऐसे में आरटीओ के तरफ से लोगों को को कई तरह की चालान से बचाने के लिए एक विशेष सहूलत दी गई है। इसके तहत अब लोगों के पास वाहन से जुड़े किसी भी कागज के नहीं होने की वजह से चालान नहीं काटा जाएगा। चालान से बचने के लिए सिर्फ आपको ट्रैफिक पुलिस को अपने कागजात को डिजिटल लॉकर में रखना होगा और जरूरत पड़ने पर गाड़ी से जुड़े कागजात की हार्ड कॉपी दिखाए बिना ही सिर्फ डीजिटल कॉपी दिखाकर आप चालान से बच सकते हैं। यानी अब आप अपने सारे कागज अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रख सकते हैं। दरअसल, परिवहन मंत्रालय की ओर से वाहन चालकों के लिए डिजिटल लॉकर जारी कर दिया गया है। इसमें वाहन की आरसी, इंश्योरेंस पेपर, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे। यानी अब आपको दस्तावेज खोने, फटने और चोरी होने का भी डर नहीं रहेगा।

उत्तर प्रदेश परिवहन ऐप में रहेंगे दस्तावेज। दरअसल, केन्द्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे डिजिटल लॉकर या यूपी परिवहन एप में उपलब्ध दस्तावेजों को ट्रैफिक पुलिस या मोटर वाहन विभाग द्वारा वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने सम्बंधी आदेश जारी करें। गौरतलब है कि इससे फर्जीवाड़े पर भी रोक लग सकेगी। कुछ लोग फर्जी आरसी और वाहन के दस्तावेज बनाकर वाहनों को बेच देते हैं। यदि आरटीओ अफसरों और यातायात पुलिस को चेकिंग के दौरान दस्तावेज में गड़बड़ी मिलेगी तो वे चालक से डिजी लॉकर खुलवाकर दस्तावेजों की जांच कर सकेंगे। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार जिले में लाखों वाहन पंजीकृत हैं। हर वर्ष 80 से 90 हजार वाहनों का पंजीकरण होता है। वाहन मालिक के दस्तावेज और वाहन संबंधित सभी दस्तावेज फाइल में सुरक्षित रहेंगे।

इस संबंध में गौतमबुद्धनगर के एसपी ट्रैफिक अनिल झा ने बताया कि यूपी परिवहन विभाग की ओर से डिजी लॉकर के रूप में उत्तर प्रदेश परिवहन ऐप जारी किया गया है। हालांकि अभी हमारे पास कोई लिखित आदेश नहीं आया है। लेकिन, सूचना के मुताबिक इसे लागू करने की कवायद उच्चस्तर पर जारी है। हमारे तरफ से जिले में सभी यातायात निरीक्षक और कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि यदि कोई वाहन चैकिंग के दौरान अपने दस्तावेज की मोबाइल में खींची तस्वीर या वॉट्सऐप पर दिखा दे, तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

Published on:
15 Sept 2019 01:56 pm
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