नोएडा

UIDAI की चेतावनी, अपने आधार कार्ड का नंबर किसी को बताया तो भुगतने होंगे ये परिणाम

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने 12 अंक वाले आधार नंबर को इंटरनेट या सोशल मीडिया पर किसी से साझा करने को लेकर जारी की चेतावनी

2 min read
Aug 01, 2018
UIDAI की चेतावनी, अपने आधार कार्ड का नंबर किसी को बताया तो भुगतने होंगे ये परिणाम

नोएडा. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने 12 अंक वाले आधार नंबर को इंटरनेट या सोशल मीडिया पर किसी से साझा करने को लेकर चेतावनी जारी की है। यूआईडीएआई ने लोगों से कहा है कि वे अपने आधार कार्ड में दर्ज 12 अंकों के आधार नंबर को किसी भी हालत में सार्वजनिक न करें। बता दें कि यूआईडीएआई की यह चेतावनी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष आरएस शर्मा द्वारा शनिवार को ट्विटर पर अपना आधार नंबर साझा करने और हैकरों को चुनौती देने के बाद जारी की गई है।

ये भी पढ़ें

UIDAI की चेतावनी, सोशल मीडिया में शेयर न करें आधार नंबर वरना हो सकती है जेल

बता दें कि ट्राई के प्रमुख आरएस शर्मा ने शनिवार को अपना आधार नंबर सार्वजनिक करते हुए हैकरों को यह चुनौती दी थी कि कोई भी हैकर इसमें दर्ज सूचना को हैक कर निकाले और उसका दुरुपयोग करके दिखाए। इसके बाद कुछ ने लोगों ने दावा किया कि उन्होंने शर्मा के बैंक खाते, ईमेल की सूचना प्राप्त कर ली हैं। हालांकि इसके बावजूद शर्मा ने सूचना लीक होने से इनकार किया था। अब इस मामले में यूआईडीएआई ने कहा है कि लोगों को सार्वजनिक रूप से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर आधार संख्या नहीं डालनी चाहिए और न ही अन्य को इसे लेकर कोई चुनौती देनी चाहिए।

प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि किसी अन्य की आधार संख्या पर आधार सत्यापन या किसी भी उद्देश्य से अन्य के आधार का उपयोग धोखाधड़ी माना जाएगा और आधार कानून तथा भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत आपराधिक कार्रवाई माना जाएगा। साथ ही कहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति ऐसा करता है या दूसरे को ऐसा करने के लिए उकसाता है तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए लोगों को ऐसी चीजों से दूर रहना चाहिए। यूआईडीएआई ने कहा कि 12 अंकों वाली आधार संख्या व्यक्तिगत रूप से संवेदनशील सूचना है।

यूआईडीएआई की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि आधार नंबर एक विशिष्ट पहचान है और इसका इस्तेमाल विभिन्न सेवाएं, लाभ और सब्सिडी लेने के लिए व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के लिए किया जाता है। यह ठीक उसी प्रकार है जैसे कि बैंक खाता संख्या, पासपोर्ट संख्या और पैन नंबर। इसलिए इसे वैध जरूरतों के लिए ही साझा किया जाना चाहिए।

ये भी पढ़ें

ट्राई चेयरमैन का आधार सार्वजनिक करना सही नहीं, गलत जगह दिखाया जोश : साइबर कानून विशेषज्ञ
Updated on:
01 Aug 2018 01:09 pm
Published on:
01 Aug 2018 01:02 pm
Also Read
View All