UP ATS arrest Noida : उत्तर प्रदेश ATS ने नोएडा से दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर हिंदूवादी नेताओं की हत्या और ग्रेनेड हमले की बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया है। पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे आरोपी।
नोएडा : उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने नोएडा से दो युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया है। पूछताछ में दोनों संदिग्धों ने खुलासा किया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े हैंडलर्स भारत में हिंदूवादी नेताओं की टारगेट किलिंग और ग्रेनेड हमलों की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान (20 वर्ष, बागपत/मेरठ निवासी) और समीर खान (20 वर्ष, दिल्ली के ओल्ड सीमापुरी निवासी) के रूप में हुई है। दोनों को 23 अप्रैल 2026 को नोएडा से ATS ने गिरफ्तार किया। उनके पास से .32 बोर की पिस्टल, पांच कारतूस और चाकू बरामद हुआ है।
एटीएस की गहन पूछताछ में सामने आया कि दोनों युवक पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े हैंडलर्स मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती और आबिद जट के संपर्क में थे। इन हैंडलर्स ने उन्हें पांच हिंदूवादी नेताओं दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत को निशाना बनाने का टास्क सौंपा था।
साजिश के तहत इन नेताओं की गला रेतकर हत्या करने और उनके घरों पर ग्रेनेड फेंककर दहशत फैलाने की योजना थी। सोशल मीडिया (खासकर इंस्टाग्राम) और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं को रैडिकलाइज करने की कोशिश की जा रही थी।
हैंडलर्स ने दोनों को इस काम के लिए तीन लाख रुपये देने का वादा किया था, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस और बाकी वारदात के बाद। साथ ही पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते विदेश भेजने और वहां बसाने का लालच भी दिया गया था, ताकि भारतीय एजेंसियां उन तक न पहुंच सकें।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए कुछ एक्स-मुस्लिमों और इस्लाम छोड़ चुके व्यक्तियों इमरोज आलम, अंजली आर्या, समीर और सलीम वास्तिक को धमकी दी थी। इस कॉल में शहजाद भट्टी भी शामिल था। कॉल रिकॉर्डिंग्स ATS के पास हैं, जिनकी जांच जारी है।
एनआईए की विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को 6 दिन की कस्टडी रिमांड पर ATS को सौंप दिया है (1 मई से 6 मई 2026 तक)। इस दौरान एटीएस गहन पूछताछ कर साजिश की पूरी श्रृंखला, अन्य सहयोगियों, हथियारों के स्रोत और बड़े नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश करेगी।
यह साजिश पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा भारतीय युवाओं को पैसे, हथियार और विदेश भागने के लालच देकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की एक बड़ी कड़ी बताई जा रही है। ATS का कहना है कि दोनों संदिग्ध सोशल मीडिया के माध्यम से रैडिकलाइज हुए और पाकिस्तानी गैंगस्टरों के इशारे पर काम कर रहे थे।