मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ हेलीकॉप्टर से हिंडन एयरफोर्स पर उतरे, एलिवेटिड रोड का निरीक्षण भी किया
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देश की सबसे लंबी ऐलिवेटेड रोड का निरीक्षण किया। वह करीब साढ़े 11 बजे एलिवेटेड रोड पर पहुंचे। वह अपने तय समय से करीब डेढ़ घंटे लेट वहां पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर हिंडन एयरफोर्स पर उतरा, जहां से उनका काफिला करहेड़ रोटरी पर पहुंचा। योगी आदित्यनाथ ने एलिवेटिड रोड का निरीक्षण भी किया। वह कविनगर रामलीला मैदान में बटन दबाकर इस रोड का उद्घाटन करेंगे। रामलीला मैदान में वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। वहीं, माना जा रहा है कि वह इस कार्यक्रम के जरिए कैराना व नूरपुर उपचुनाव और लोकसभा चुनाव को साधने की भी कोशिश करेंगे।
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10.8 किमी लंबी है रोड
सिंगल पिलर पर बनी देश की सबसे लंबी एलिवेटेड रोड यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन तक है। 1248 करोड़ रुपये की लागत बनी यह एलिवेटेड रोड 10.82 किमी लंबी है। इसकी खासियत यह है कि 227 सिंगल पिलर पर बनी है, जो इस तरह से बनी देश की सबसे लंबी एलिवेटेड रोड है।
आठ माह से रुका था काम
इस रोड का निर्माण नवंबर 2014 में शुरू हुअा था। करीब आठ महीनों से पर्यावरण बोर्ड की मंजूरी न मिलने के कारण इसका काम अटा हुआ था।
45 मिनट का सफर छह मिनट में
अभी तक राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट तक जाने में करीब 45 मिनट का समय लगता था लेकिन इसके शुरू हो जाने के बाद यह समय घटकर 6 से 10 मिनट का रह जाएगा।
भारी वाहनों का प्रवेश बंद
इस रोड पर भारी वाहनों की नो एंट्री होगी। सड़क के दोनों किनारों पर भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए लो हाइट बैरियर लगा दिए गए हैं। इस रोड पर कार और दुपहिया वाहन ही दौड़ेंगे। इसके खुलने से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के बीच यातायात आसान हो जाएगा।
नहीं है कोई यूटर्न
इस रोड पर कोई यूटर्न नहीं है। साथ ही यह सिग्नल फ्री होगी। वैशाली और इंदिरापुरम के लोगों को राहत देने के लिए वसुंधरा में चढ़ने और उतरने का रास्ता बनाया गया है।
छह लेन की है रोड
छह लेन की इस रोड को बनने में तीन साल चार महीने से ज्यादा वक्त लगा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने दिल्ली की तरफ से आने वाले ट्रैफिक के स्वागत के लिए वेलकम गेट भी बनवाए हैं।
80 की रफ्तार से फर्राटा भरेंगे वाहन
यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन तक बनी इस रोड पर वाहनों की गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जिसे बाद में बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक किया जा सकता है।