नोएडा

पुलिस थाने में जरुर मनाया जाता है ये त्योहार, आधी रात तक जगते हैं पुलिस वाले

Krishna Janmashtami 2018: उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों के पुलिस वाले धूम-धाम से मनाते हैं कृष्ण जन्मोत्सव, लेकिन इसके पीछे है बड़ी वजह, जान कर हैरान रह जाएंगे आप
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Updated: 3 Sep 2018, 11:52 AM IST
Krishna Janmashtami 2018
पुलिस थाने में जरुर मनाया जाता है ये त्योहार, आधी रात तक जगते हैं पुलिस वाले

नोएडा।KrishnaJanmashtami 2018: हिंदू धर्म में कई त्योहार मनाएं जाते हैं और सभी त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है। जिसकी वजह से पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी होली, दिपावली, दशहरा जैसे सभी त्योहार पर अपना कर्तव्य निभाते हैं और त्योहार की खुशियां नहीं ले पाते। लेकिन एक ऐसा त्योहार भी है जिसे देश के लगभग सभी थानों में जरुर मनाया जाता है। इस त्योहार के लिए महीनों से तैयारियां होती हैं। खास तौर पर मंदिर बनाएं जाते हैं। यहां तक की प्रसाद के लिए प्रत्येक पुलिस के जवान अपनी जेब से भी खर्च लगाते हैं।

तो आप भी जानना चाहेंगे कौन सा है त्योहार जिसे पुलिस विभाग को मनाने से खुद मुख्यमंत्री तक नहीं मना करते और थाने में ही भव्य कार्यक्रम किया जाता है और क्या है उसके पीछे की कहानी।

कारागार (जेल) में हुआ था श्री कृष्ण का जन्म-

दरअसल द्वापर युग में जब कंस को भविष्यवाणी हुई की उसकी बहन यानी देवकी और वासुदेव का का पुत्र उसकी की मृत्यु का कराण बनेगा तो कंस ने उन्हें कारागार यानी जेल में डाल दिया। इसके बाद देवकी और वासुदेव के जितने भी बच्चे हुए कंस नें सभी का वध कर दिया। लेकिन जब भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ तो ऐसा चमत्कार हुआ की जेल के सभी ताले टूट गए, दरवाजे अपने आप खुल गए। इतना ही नहीं जितने भी संतरी या सिपाही, द्वारपाल पहरे पर लगे थे सभी गहरी नींद में सो गए। जिसकी वजह से बालक कृष्ण का जन्म होते ही उनके पिता वासुदेव उन्हें लेकर आसानी से वृंदावन पहुंच गए और नंद बाब-यशोदा को सौंप दिया और कंस को भनक तक नहीं लगी।

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पुलिस जवान इस वजह से मनाते है जन्माष्टमी-

श्री कृष्ण के इस माया की वजह से ही पुलिस थानों में हर साल जन्माष्टमी यानी कृष्ण जन्मोत्सव मनाती है। दरअसल बताया जाता है कि उस युग में जिस तरह कारागार था अब पुलिस जेल की पहरेदारी करती है और इस दिन जन्माष्टमी मना कर सभी पुलिसवाले भगवान कृष्ण से प्राथर्ना करते हैं कि उनके साथ इस तरह कभी कोई घटना घटित न हो जाए।

एक महीने पहले ही शुरू हो जाती है तैयारी-

आपको बता दें कि यूपी के ही लगभग सभी जिलों में एक महीने पहले से ही जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। प्रसाद के लिए कुंतलो धनिया को धो कर पिसाया जाता है। सभी जवान आपस में मिल कर प्रसाद तैयार करते हैं और थाने परिसर में ही भव्य झांकी सजाई जाती है। झाल-मझिरे पर कृष्ण जन्मोत्सव के लिए सोहर, भजन गाए जाते हैं। लगभग पूरी रात जवान से लेकर अधिकरी त्योहार का आनंद उठाते हैं। थानों के साथ ही पुलिस लाइनों में भी जन्माष्टमी धूम-धाम से मनाई जाती है।

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3 Sep 2018, 11:52 AM IST
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