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किसान आंदोलन को मिला पंजाब, हरियाणा के खिलाड़ियों का समर्थन

-किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन का पंजाब और हरियाणा के कई खिलाड़ियों ने समर्थन किया है।-कई खिलाड़ियों ने अपील कि है किसान केंद्र सरकार के साथ मिलकर समस्या का समाधान निकालें।-हरियाणा के रहने वाले भारत के पुरुष कुश्ती खिलाड़ी बजरंग पूनिया ने किया किसानों का समर्थन।-ओलम्पिक पदक विजेता पूर्व कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त ने राज्य से इस मुद्दे का हल निकालने का आग्रह किया।

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Nov 30, 2020

नई दिल्ली। किसानों (kisan) द्वारा किए जा रहे आंदोलन का पंजाब और हरियाणा (Punjab and Haryana) के कई खिलाड़ियों ने समर्थन (Prominent sportspersons from Punjab ) किया है। वहीं कई खिलाड़ियों ने अपील कि है किसान केंद्र सरकार (Central Government) के साथ मिलकर समस्या का समाधान निकालें। दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर किसान नए किसान बिल (kisan bill) को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को इस आंदोलन को पांच दिन हो गए। विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों ने राष्ट्रीय राजधानी के पांच प्रवेश द्वारा कों ब्लॉक करने की धमकी दी है। वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ( Home minister Amit Shah) के सशर्त बातचीत के प्रस्ताव से खुश नहीं हैं।

हरियाणा के रहने वाले भारत के पुरुष कुश्ती खिलाड़ी बजरंग पूनिया ने कहा, सबका पेट भरने वाला अन्नदाता अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। सभी उनका साथ दो, उनकी आवाज बनो। राजनीति बाद में कर लेना। किसान के बेटे हैं किसान के घर में जन्म लिया है। अभी जमीर जिंदा है हमारा। जय किसान। ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने लिखा, 'किसान बचेगा तो देश बचेगा।' उन्होंने हैशटैग के साथ लिखा कि किसानों के लिए आवाज उठाओ।

भारतीय टीम के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने लिखा, पंजाबी युवा दिल्ली बॉर्डर पर सड़क साफ करते हुए। हम नहीं चाहते कि हरियाणा और दिल्ली के लोग यह कहें कि पंजाबी आए और सब खराब कर के चले गए। महिला कुश्ती खिलाड़ी बबीता फोगाट ने ट्वीट किया, नरेंद्र मोदी जब तक प्रधानमंत्री पद पर बैठे हैं तब तक किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। फिर भी किसानों को लगता है कि उनकी कोई बात रह गई है तो किसानों को सरकार के साथ मिलकर बैठकर हल निकालना चाहिए।

ओलम्पिक पदक विजेता पूर्व कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त ने कहा, कृपया सभी किसान भाई सहयोग करें। राज्य और केंद्र सरकार हर जायज मुद्दों का समाधान करेगी। 31 किसान यूनियनों ने किसान बिल के विरोध में 26 से 27 नवंबर के बीच दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने की इच्छा जाहिर की थी। पुलिस ने हालांकि दिल्ली की तरफ कूच कर चुके किसानों को हरियाणा में रोकने की कोशिश की, लेकिन वह लोग आगे बढ़ गए और सिंधु और टिगड़ी सीमा पर पहुंच गए।

Published on:
30 Nov 2020 09:41 pm
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