
Squadron Leader Ajay Ahujawife Alka: 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की जीत के पीछे अनगिनत वीर जवानों का बलिदान छुपा है। नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' जहां एक तरफ जनता को पसंद आ रही है, वहीं, युद्ध के दौरान स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा (Ajay Ahuja) की पत्नी का दर्द ताजा हो गया है। अल्का ने अपनी शादी, पति संग लड़ाई पर बात की। साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे जब उनके बेटे ने पिता को लेकर सवाल किया था। वो वह कुछ बोल नहीं पाई थीं।
अजय आहूजा 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान इंडियन एयर फोर्स के 17 स्क्वाड्रन, गोल्डन एरो के फ़्लाइट कमांडर थे। 27 मई को उनका MiG-21 तब हिट हुआ जब वह साथी पायलट फ़्लाइट लेफ्टिनेंट के नचिकेता का पता लगाने के मिशन पर थे और लैंडिंग के बाद शहीद हो गए थे। उन्हें बाद में मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
News9 Live से बात करते हुए, अल्का ने बताया कि कैसे उन्हें एक फाइटर पायलट से शादी करने के रिस्क के बारे में पता था, लेकिन वह उस पल के लिए कभी तैयार ही नहीं थीं। उन्होंने कहा, "मैं एक सैनिक की पत्नी हूं, और मेरे दिल को कहीं न कहीं हमेशा से पता था कि जिस यूनिफॉर्म पर मुझे इतना गर्व था, वही एक दिन उन्हें मुझसे छीन सकती है। लेकिन कोई भी चीज आपको उस पल के लिए तैयार नहीं करती जब वह डर सच हो जाता है। मुझे वह दिन आज भी याद है जब खबर आई थी कि स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा नहीं रहे। उस एक पल में, उनके साथ मेरी जिंदगी, उनके साथ रहना, उनके घर आने का इंतजार करना, हमेशा के लिए खत्म हो गया था। मैंने उस दिन अपने पति को खो दिया था।"
अल्का आहूजा ने आगे उस समय को याद किया और बताया जब ये सब हुआ उस समय हमारा बेटा अंकुर महज 5-6 साल का था। वह अपने पिता के बेहद करीब था। पिता के जाने के कुछ समय बाद कोटा से लौटते समय अंकुर ने अचानक मुझसे पूछा- "मॉम, क्या डैड कभी वापस नहीं आएंगे?" उसके बाद, उसने डैड के बारे में बात करना बंद कर दिया। वह समझ गया था कि क्या हुआ है। फिर उसने मुझसे कभी उस बारे में बात नहीं की। क्योंकि वह जानता था कि मॉम डिस्टर्ब हो जाएंगी। लेकिन वह अपने स्कूल के कागजों पर रोज चुपचाप लिखता था- "अजय, अल्का, अंकुर"।
अल्का ने याद किया कि अजय अपने बेटे के बहुत करीब थे और उनके हर हफ्ते के रिचुअल्स होते थे। "वह अपने बेटे के दोस्त जैसे थे। अंकुर मुझसे ज्यादा अपने पिता से जुड़ा हुआ था। हर रविवार, हम उसे स्विमिंग के लिए ले जाते थे। जहां भी कोई जू होता, हम वहां जाते थे। वह बहुत अच्छे इंसान थे। सब कुछ अभी भी वैसा ही लगता है।" दो दशक से भी ज्यादा समय बाद, अंकुर ने अपनी जिंदगी खुद बना ली है और अब US में काम कर रहा है।
अल्का ने अपनी शादी के बारे में भी बात की और बताया कि "हमारी शादी 1989 में हुई थी। उससे पहले, हमारी सगाई और शादी के बीच पांच या छह महीने का गैप था, और हम लगभग हर दिन चिट्ठियां लिखते थे। मैं यह नहीं भूल सकती। मैं उनके साथ बिताया एक भी पल नहीं भूल सकती।" उन्होंने कहा कि वह बहुत कम लड़ते थे, और जब लड़ते भी थे, तो वह यह पक्का करती थीं कि उनकी अनबन अजय की फ्लाइंग ड्यूटी में कभी न आए। आपको यह बहुत अजीब लग सकता है, लेकिन अजय मुझसे कहते थे कि हमें लड़े हुए बहुत समय हो गया है। और मैं उनसे कहती थी कि ऐसा मत कहो, क्योंकि फिर ऐसा कुछ होता था कि उसी दिन हम किसी न किसी छोटी सी बात पर लड़ पड़ते थे। बता दे, फिल्म सफेद सागर में अजय आहूजा का किरदार अभिनेता सिद्धार्थ ने निभाया है।