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कश्मीरी पंडितों के अतीत पर समय रैना ने दिया बयान, ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2’ में दिखा खास पल

Samay Raina On Kashmiri Pandit: यूट्यूब के फेमस शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ में समय रैना ने एक बार फिर कश्मीरी पंडितों को लेकर और अपने पारिवारिक बैकग्राउंड पर रिएक्शन दिया है। जानिए अन्य कलाकारों के साथ समय की क्या बातचीत हुई।
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Aug 06, 2026
Samay Raina statement Brings Up Kashmiri Pandit Exodus in India Got Latent
समय रैना ने दिया कश्मीरी पंडितों पर बयान (Photo Source- @SamayRaina)

Samay Raina On Kashmiri Pandit: फेमस कॉमेडियन समय रैना का टैलेंट शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' के एक नए एपिसोड का एक वीडियो चर्चा में है। जिसमें समय रैना ने अपने परिवार के कश्मीर से जुड़े पुराने दिनों का जिक्र करते दिख रहे हैं। बातचीत की शुरुआत एक कंटेस्टेंट के परिवार के सेब के बागों से हुई, जिसके बाद राघव जुयाल ने समय रैना से कश्मीर में उनके परिवार की संपत्ति के बारे में सवाल किया। समय के जवाब और उसके बाद हुई बातचीत का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।

कश्मीरी में अपने घर को लेकर समय रैना ने की बात

शो में एक कंटेस्टेंट आई थी जिसका नाम वनिका रायकता था। उनसे पैनलिस्ट राघव जुयाल, मुनव्वर फारुकी, निहारिका एनएम, रोहन जोशी और समय रैना ने बातचीत की। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या वह एक संपन्न परिवार से आती हैं। वनिका ने बताया कि उनके परिवार के शिमला में सेब के कई बाग हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई ने कुछ जमीन बेच दी थी, लेकिन परिवार के पास अब भी कई बाग हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता सरकारी टीचर रहे हैं।

वनिका की जैसे ही बात खत्म हुई राघव जुयाल ने समय रैना की तरफ देखा और कहा, "तुम्हारा भी तो था ना सेब का बाग कश्मीर में?" इस पर समय रैना ने जवाब दिया, "हमारा तो बहुत कुछ था।" समय की यह टिप्पणी उनके परिवार के कश्मीर से जुड़े पुराने अनुभवों की तरफ इशारा करती हुई नजर आई। इसके बाद राघव ने समय की पीठ थपथपाई। फिर समय रैना ने मुनव्वर फारुकी की तरफ देखते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, "बोल अब इस पर बात करें?" जवाब में मुनव्वर ने कहा, "यह मैं नहीं था।" इस बातचीत के बाद पैनल में मौजूद सभी लोग हंसने लगे और माहौल हल्का हो गया।

समय रैना पहले भी कर चुके हैं इस टॉपिक पर बात

यह पहला मौका नहीं है जब समय रैना ने अपने परिवार के कश्मीर से जुड़े अनुभव शेयर किए हों। इससे पहले अपने स्टैंड-अप स्पेशल और फ्रेंड्सकास्ट पॉडकास्ट में भी वह बता चुके हैं कि मिलिटेंसी बढ़ने के दौरान उनके परिवार को कश्मीर छोड़ना पड़ा था। उन्होंने कहा था कि उनका परिवार अपनी जान बचाने के लिए घाटी से बाहर आया था।

पॉडकास्ट में समय रैना ने यह भी बताया था कि उस कठिन समय में कई कश्मीरी मुसलमानों ने उनके परिवार की मदद की थी। उनके अनुसार, उनके दादाजी को सुरक्षित बाहर निकालने और परिवार को संभालने में स्थानीय लोगों का बड़ा योगदान रहा। समय ने कहा था कि उनके दादाजी की लोगों से अच्छी पहचान थी और इसी वजह से उन्हें मुश्किल समय में सहयोग मिला।

Updated on:
06 Aug 2026 11:20 am
Published on:
06 Aug 2026 11:20 am