
Shilpa Shinde harassment case: टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने एक बार फिर 'भाभी जी घर पर हैं' विवाद पर खुलकर बात की है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए "साम, दाम, दंड, भेद" का सहारा लिया, लेकिन कानून का गलत इस्तेमाल नहीं किया। साथ ही उन्होंने कहा कि शो छोड़ने के करीब 9 साल बाद निर्माता उन्हें वापस लाने के लिए "गिड़गिड़ाने" लगे।
शिल्पा शिंदे ने योगेश रावत और रियाज अली के साथ बातचीत के दौरान अपने पुराने विवाद पर प्रतिक्रिया दी। बातचीत में योगेश रावत ने कहा कि वो भी इसी तरह के अनुभव से गुजर चुके हैं और इसलिए उन्हें ये मामला गलत लगता है। तो वहीं रियाज अली ने कहा कि इस तरह के कथित झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप किसी व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद कर सकते हैं।
इन सवालों पर जवाब देते हुए शिल्पा शिंदे ने कहा कि उन्होंने अपने अधिकारों के लिए हर संभव तरीका अपनाया। उन्होंने कहा, "मैंने साम, दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल किया। मैंने कानून का गलत यूज नहीं किया, मैंने उसका इस्तेमाल किया। अगर आप कहते हैं कि मैंने कानून को अपने पक्ष में करने के लिए उसे तोड़ा-मरोड़ा, तो आप वही लोग हैं जो किसी महिला के मरने के बाद मोमबत्तियां जलाते हैं और कहते हैं कि उसने अपने लिए लड़ाई नहीं लड़ी।"
शिल्पा शिंदे ने आगे दावा किया कि आखिरकार शो के निर्माताओं को उन्हें वापस बुलाने की जरूरत महसूस हुई।
उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो यही काफी है कि 9 साल बाद मुझे गिड़गिड़ाकर वापस शो में लिया। आखिर क्यों लिया?" हालांकि, शिल्पा ने ये साफ नहीं किया कि वो किस बातचीत और प्रस्ताव का जिक्र कर रही थीं। उनके इस दावे पर 'भाभी जी घर पर हैं' के निर्माताओं की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शिल्पा शिंदे ने साल 2016 में 'भाभी जी घर पर हैं' छोड़ दिया था। इसके बाद उनका शो के निर्माताओं के साथ विवाद सार्वजनिक हो गया था। उस दौरान उन्होंने निर्माताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि निर्माता पक्ष ने भी उनके आरोपों को खारिज किया था। ये विवाद लंबे समय तक चर्चा में रहा था।