Pali Crime News: पाली के रामासनी सांदवान गांव में मासूम की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय ने जेल भेज दिया। पुलिस अब आरोपी को बहकाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पाली। जिले के रामासनी सांदवान गांव में मासूम बालक की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अंधविश्वास, तांत्रिक बहकावे और जन्नत की लालसा में एक युवक ने पड़ोसी के 11 वर्षीय बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले दो साल से नरबलि जैसी सोच में डूबा हुआ था। मामले में गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
यह वीडियो भी देखें
थानाधिकारी भंवरलाल विश्नोई ने बताया कि गांव निवासी मुश्ताक मोयला ने 14 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसका 11 वर्षीय भतीजा आरिफ पुत्र फिरोज खान घर से खेत की ओर जाने के लिए निकला था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला शेरू खान उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर गांव के तालाब के पास ले गया। वहां आरोपी ने पहले बालक के हाथ-पांव बांधे और फिर धारदार हथियार से गला काटकर उसकी हत्या कर दी।
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ लिया था। पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि एक कथित मौलवी और तांत्रिक ने उसे समझाया था कि छोटे बच्चे की कुर्बानी देने से उसकी सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी और उसे जन्नत मिलेगी। आरोपी इसी अंधविश्वास में फंस गया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शेरू खान शादी नहीं होने से मानसिक रूप से परेशान था। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उसे बहकाया गया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह करीब दो साल से किसी बच्चे की बलि देने की कोशिश कर रहा था।
हत्या के दौरान धार्मिक शब्द बोलने की बात भी कबूल की। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में काम लिया गया धारदार हथियार भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में यह जानकारी भी मिली कि आरोपी इससे पहले एक भैंस के बच्चे की भी बलि दे चुका था। सोजत वृत्ताधिकारी रतनाराम देवासी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच जारी है और आरोपी को बहकाने वाले लोगों की तलाश की जा रही है।