
Pali Cyber Crime : पाली में पेट्रोल पंप पर असली क्यूआर कोड हटाकर फर्जी क्यूआर लगाने और उसके जरिए ग्राहकों से भुगतान करवाकर रकम ठग के खाते में पहुंचाने का मामला सामने आया है। संभवत: राजस्थान में इस तरह की ठगी का यह पहला मामला है। पाली में साइबर ठगों ने 7-8 पेट्रोल पंपों को निशाना बनाया। ग्राहक पेट्रोल भरवाकर बेखबर क्यूआर स्कैन करते रहे और रकम पंप के बजाय ठग के खाते में पहुंचती रही।
साइबर ठगी के इस नए तरीके ने पेट्रोल पंप संचालकों और पुलिस को भी चौंका दिया। प्रारंभिक जांच में एक दिन में करीब 40-50 हजार रुपए दूसरे खाते में पहुंचने की बात सामने आई है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने संदिग्ध मोबाइल नंबर, पहचान संबंधी दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज पुलिस अधीक्षक को सौंपे हैं। मामले में दो एफआइआर दर्ज की गई हैं।
एसोसिएशन जिलाध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय के अनुसार देर रात हेलमेट और चेहरा पूरी तरह ढककर एक व्यक्ति अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर पहुंचा। उसने मौका देखकर वहां लगे अधिकृत क्यूआर को हटाकर अपना फर्जी क्यूआर लगा दिया। डिजाइन और जगह ऐसी थी कि ग्राहक और पंप संचालकों को छेड़छाड़ का पता नहीं चला। लोग पेट्रोल भरवा भुगतान करते रहे और रकम दूसरे खाते में जाती रही।
ठगी का खुलासा तब हुआ जब एक ग्राहक के भुगतान के बावजूद पंप के खाते में रकम जमा नहीं हुई। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि जिस क्यूआर पर भुगतान किया गया था, वह पंप के खाते से जुड़ा ही नहीं था। इसके बाद पंप संचालक ने आस-पास के अन्य पेट्रोल पंपों को अलर्ट किया। जांच में कई पंपों पर क्यूआर कोड से छेड़छाड़ की जानकारी सामने आई। इसके बाद संदिग्ध क्यूआर से भुगतान लेना बंद कर दिया गया।
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार ठगी की रकम पाली के रानी कस्बा क्षेत्र के एक एटीएम से निकाले जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि खाते में रकम पहुंचने के बाद उसे तत्काल एटीएम के जरिए निकाला जा रहा था। पुलिस यह पता लगा रही है कि रकम निकालने वाला आरोपी ही था या गिरोह का कोई अन्य सदस्य।
आस-पास के 7-8 पेट्रोल पंपों पर फर्जी क्यूआर स्कैनर लगाकर ठगी का मामला सामने आया है। 2 मामले कोतवाली थाने में दर्ज किए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साइबर ठगी का मामला होने के कारण इस एंगल से भी जांच की जाएगी।
किशोर सिंह भाटी, पुलिस उप अधीक्षक, साइबर थाना, पाली