
पाली। पाली पुलिस के हत्थे चढ़ा शराब ठेका लूट गिरोह [ wine contractrobbery gang ] खतरनाक तरीके से वारदातें करता था। गिरोह के अधिकांश आरोपी सीकर [ wine robber gang ] के नया बास इलाके के हैं, इस गांव में पुलिस का घुसना भी मुश्किल भरा काम है। यह गिरोह जब सुबह लोडिंग जीप लेकर घर से निकलता तो उसमें पत्थर भर देता। पीछे ट्रोली में पत्थर बिछाकर एक दो जने उस पर सो जाते। ठेका लूटने के बाद शराब उसमें भरकर निकल जाते। कोई पुलिस या अन्य कोई उनका पीछा करता तो वह जीप में भरे पत्थर पुलिस पर फेंकते और फरार हो जाते। इस तरह उन्होंने कई वारदातें की। सीकर, झुंझुनूं व जयपुर ग्रामीण पुलिस [ Rajasthan Police ] को भी उनकी तलाश थी, लेकिन वहां की पुलिस इस गिरोह को नहीं पकड़ पाई।
सीकर के नया बास में कई गिरोह सक्रिय
गिरोह का मुख्य आरोपी अनिल है, इसके अलावा महेन्द्र व धर्मपाल शातिर आरोपी है, जिन्होंने इस गिरोह को तैयार किया। वे रोजाना अलग-अलग जगह पर अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर वारदातें करते थे। पुलिस ने उनकी मोबाइल कॉल डिटेल, झुंझुनूं, सीकर में हुई शराब ठेकों की वारदातों के आधार पर गिरफ्तार किया। सीकर के नया बास गांव में कई गिरोह सक्रिय है, जो यह वारदातें करता था।
फरार आठ आरोपियों के खिलाफ 160 से अधिक मुकदमें
फरार आरोपी महेन्द्र के खिलाफ बीस, अमर सिंह के खिलाफ 13, धर्मपाल के खिलाफ 35, विकास मीणा के खिलाफ 20, सुनील के खिलाफ 27, प्रेमचंद के खिलाफ 15, लोकेश के खिलाफ 10 व सुरेश के खिलाफ 22 मुकदमे दर्ज है। सभी आरोपी शातिर है।
साइबर सैल की बड़ी सफलता
पाली पुलिस के साइबर सैल प्रभारी गौतम आचार्य की भूमिका इस गिरोह को पकडऩे में मुख्य रही। गौतम पूर्व में भी सैकड़ों वारदातें खोल चुका है। इस टीम को विशेष पुरस्कार के लिए अनुशंसा की गई है।