Poshahar Yojana: गर्भवती व धात्री महिला को पोषाहार के तहत 1400 ग्राम फोर्टिफाइड न्यूट्री मीठा दलिया व फोर्टिफाइड मूंग दाल दी जाती है। इसके साथ ही चावल, खिचड़ी तथा 700 ग्राम फोर्टिफाइड सादा गेहूं व दलिया का पैकेट दिया जाता है।
Rajasthan Poshahar Yojana: राजस्थान के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषाहार दिया जाता है। यह पोषाहार गर्भवती व धात्री की जगह कई जगह पर अन्य परिवार की महिलाएं ले जाती हैं। उनके नहीं जाने पर भी पोषाहार का उपयोग हो जाता है। यह अब नहीं हो सकेगा।
पोषाहार केवल उसी धात्री या गर्भवती को मिलेगा, जो आंगनबाड़ी पर जाएंगी। फेस रिकग्निजेशन करवाएंगी और ओटीपी देंगी। यह सिस्टम शुरू होने के बाद इसे अगले चरण में 6 माह से 3 वर्ष तथा केन्द्र पर आने वाले 3 से 6 साल तक के बच्चों के लिए भी लागू किया जाना प्रस्तावित है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर चेहरे की पहचान (फेस रिकग्निजेशन सिस्टम) के लिए गर्भवती व धात्री महिलाओं के फोटो पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। पोषाहार वितरण के समय लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। कार्यकर्ता, पोषाहार वितरण करते समय उस ओटीपी को अपने पोषण ट्रैकर पर दर्ज करेंगी। इसके बाद ही पोषाहार देंगी।
गर्भवती व धात्री महिला को पोषाहार के तहत 1400 ग्राम फोर्टिफाइड न्यूट्री मीठा दलिया व फोर्टिफाइड मूंग दाल दी जाती है। इसके साथ ही चावल, खिचड़ी तथा 700 ग्राम फोर्टिफाइड सादा गेहूं व दलिया का पैकेट दिया जाता है। गर्भवती महिला को 9 माह तक लगातार व धात्रियों को 6 माह तक इन पोषाहार के पैकेट का वितरण किया जाता है।
यह प्रणाली नए साल के साथ ही शुरू करना प्रस्तावित था, लेकिन ओटीपी व फेस आईडी सिस्टम के ढंग से कार्य नहीं करने के कारण ऐसा नहीं हो सका। यह प्रणाली लागू करने से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ताओं को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे फेस रिकग्निजेशन और ओटीपी से पोषाहार वितरण शुरू करने के बाद किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
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पोषाहार वितरण के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। इससे धात्री व गर्भवती महिलाओं के पोषाहार वितरण में पारदर्शिता आएगी। इसके लिए पाली में भी कवायद चल रही है।