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बरसात आते ही तालाब में तब्दील हो जाती है यहां की गलियां…पढ़े

बारिश बन जाती है आफत सादड़ी बस स्टेण्ड से आखरिया चौक, ब्रजभाटा चौक से अम्बेडकर नगर तक भरता है पानी
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Aug 30, 2019
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सादड़ी. बाइपास के अभाव में बारिश (rain) के दौरान कस्बे के मध्य से गुजरते मुख्य राज्यकृत फालना से देसूरी व रणकपुर मार्ग से गुजरना मुश्किल भरा सफर हो जाता है। बारिश ज्यादा हुई तो सडक़ों तलैया जैसा नजारा बन जाता है। ऐसे में चौपहिया, दुपहिया वाहन चालकों व राहगीर को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उस पर यहां का यातायात दबाव कोढ में खाज का काम करता है। क्षेत्रवासी लम्बे समय से शहर (city) की इस समस्या से निजात दिलाने के लिए बाइपास की मांग कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार सुनवाई नहीं कर रहे हैं। बाइपास के लिए भिजवाए गए प्रस्ताव अभी तक फाइलों में बंद हैं। बारिश के दौरान कोटसेरिया नाला में अत्यधिक जल आवक होने पर कस्बे की जल निकासी रुक जाती है। ऐसे में सडक़ से सटे गली मोहल्लों में पानी भर जाता है।
फालना से देसूरी व रणकपुर (ranakpur) का मुख्य मार्ग बस स्टेण्ड से लेकर आखरिया चौक व गंाछवाड़ से ब्रजभाटा चौक होते भवानी चौक तक निकलता है। इन सभी की ह्रदयस्थली आखरिया चौक है। यहां सात रास्तों का मिलन होता है। इसी चौक से कोटसेरिया का नाला गुजरता है। मैन बाजार सडक़ से सुकडी नदी में मिलता है। बारिश मौसम में बस स्टेण्ड से आखरिया चौक व अम्बेडकर नगर से भवानी चौक तक दोनों ओर घरों का पानी सडक़ पर फैल जाता है। व्यवस्थित निकासी नहीं होने से यह सडक़ तलैया बन जाती है। ऐसे में जाटो की डोरण से तेज जलआवक कोटसेरिया में होने पर बस स्टेण्ड, रणकपुर भट्टानगर सडक़ तक पानी भर जाता है। कई बार खस्ताहाल सडक़ पर गड्डों से वाहनचालक असन्तुलित होकर गिर पड़ते हैं।

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

कस्बे के मध्य से गुजरते राज्यकृत मार्गों पर हादसों की आशंका रहती है। बारिश के दौरान यहां से निकल पाना दूभर हो जाता है। सरकार को चाहिए कि बाईपास सहित खस्ताहाल राज्यकृत सडक़ का निर्माण एवं पानी की निकासी व्यवस्थित कराई जाए।
हरिलाल परमार, भंवर घंाची, चुन्नीलाल माली, सादड़ी

बढ़ रहा है यातायात दबाव

बस स्टेण्ड से अम्बेडक़र नगर तक राज्यकृत सडक़ (road) मार्ग पर यातायात का उत्तरोत्तर दबाव बढ़ रहा है। कई बार यहां जाम की स्थितियां बन जाती हैं। सरकार को चाहिएं बाइपास निर्माण कराए। बारिश के दौरान पानी घरों में घुस जाता है। कई गली मौहल्लों में पानी भर जाता हैं।

गीतादेवी दर्जी, सन्तोष सुथार, लक्ष्मी शर्मा, अर्चना चौहान, ग्रामीण सादड़ी

Published on:
30 Aug 2019 07:00 am