
Rajasthan Labour Department पाली। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु होने पर उन्हें मृत्यु हितकारी सहायता योजना के तहत दो लाख रुपए की सहायता दी जाती है। इसमें एक लाख रुपए श्रमिक आश्रितों के खातों में जमा करवाए जाते हैं। वहीं एक लाख रुपए की एफडीआर करवाकर दी जाती है। जो पिछले तीन साल से प्रदेश में किसी भी श्रमिक आश्रित को नहीं दी गई है।
प्रदेश में 17 फरवरी 2026 तक पिछले तीन साल में 9391 श्रमिक आश्रितों के लिए राशि स्वीकृत की गई। इनमें से 8309 श्रमिक आश्रितों को एफडीआर नहीं मिली है। इन श्रमिकों को एफडीआर के 94.24 करोड़ रुपए का इंतजार है। पाली जिले में ही करीब 60 श्रमिक राशि का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे भी कई श्रमिक आश्रित हैं, जिनकी राशि खाते में हस्तांतरित होने के बाद रिटर्न हो गई। वे श्रम विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन राशि अभी तक नहीं मिल रही है।
केस एक
मंजू बाई के पति प्रकाश की मृत्यु के दो साल बाद भी अभी तक एक लाख रुपए की एफडीआर नहीं आई है। उन्हें एक लाख रुपए पहले मिल गए थे। वह छोटा-मोटा कार्य कर और पेंशन से जीवनयापन कर रही हैं।
केस दो
जैतपुर की रहने वाली मीमा देवी के निधन के बाद उनके प्रति कुंदनराम को एक लाख रुपए मिल गए। उनके पुत्र ने बताया कि 10-15 बार श्रम कार्यालय जा चुका हूं। एफडीआर अभी तक नहीं मिली है।
केस तीन
मनसुख की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी गीता के लिए मृत्यु हितकारी योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। जो खाते में आने के बाद रिटर्न हो गई। अब गीता राशि की राह देख रही है।
वर्ष 2022 से जो एफडीआर रुकी थी, वह अब दी जाएगी। इस योजना के तहत अब आगे से एक साथ ही राशि का भुगतान किया जाएगा।
- मनोहरसिंह कोटड़ा, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, जयपुर
श्रमिक आश्रितों को पिछले तीन साल से एफडीआर नहीं दी जा रही है। आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर योजना बंद नहीं होना बताया गया है। एफडीआर मिलने पर श्रमिकों को आर्थिक संबल मिलेगा।
- जयंतीलाल जोशी, अध्यक्ष, पेंटर मजदूर संघ, पाली