
Drunken man steals police car: मध्य प्रदेश के पन्ना में एक शराबी ने पुलिस की गाड़ी से ऐसा उत्पात मचाया की इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रैपुरा थाना परिसर में उस समय सनसनी फैल गई, जब नशे में धुत युवक पुलिस का वाहन लेकर फरार हो गया। देखते ही देखते वह भीड़भाड़ वाले हाट बाजार में तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाने लगा, जिसमें अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों को टक्कर लगी, कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया और आरोपी को पीटने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने बड़ी मुश्किल से बचाते हुए लॉकअप में बंद किया।
ताजा जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी स्मिता सिंह बघेल ने बताया कि आरोपी अत्यधिक शराब के नशे में था जो कि कल कुछ बोल नहीं पा रहा था। उससे आज पूछताछ की जा रही है। हादसे में कुल 14 लोग घायल हुए हैं इनमें दो की हालत गंभीर होने पर कटनी रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक थाना परिसर में किसी मामले को लेकर पहुंचा था और पुलिसकर्मियों से बहस कर रहा था। विवाद बढ़ने पर उसे बाहर कर दिया गया। इसी दौरान उसने बाहर खड़े पुलिस वाहन में चाबी लगी देखी और वाहन लेकर फरार हो गया। थाना से निकलते ही आरोपी ने हाट बाजार में लोगों को टक्कर मारनी शुरू कर दी। कटनी तिराहा तक पहुंचते-पहुंचते कई लोग उसकी चपेट में आ गए।
यहां उसने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक कार के नीचे फंस गई और करीब 200 मीटर तक घिसटती रही। इस दौरान एक कार और बस भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद आरोपी अंबेडकर चौक की ओर भागा, जहां पीछा कर रही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोपी की पहचान सुखेंद्र बुंदेला पिता रसमत सिंह, निवासी इमलिया के रूप में हुई है। बताया गया कि वह नशे में था और एक दिन पहले भी इसी हालत में थाना पहुंचा था।
घटना से नाराज करीब 100 से 200 लोग थाने पहुंच गए। भीड़ थाना परिसर में घुस गई और आरोपी को पुलिस के कब्जे से निकालने का प्रयास किया। आरक्षक सहित पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को सुरक्षित लॉकअप में बंद किया। एक से दो घंटे तक थाना परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
घटना में घायल हुए लोगों में राकेश चौधरी (37) निवासी बकचुर, जलसा बाई (36) निवासी देवेंद्रनगर, प्रमोद नायक (55) निवासी रैपुरा, हेमलता वाल्मीकि (38) तथा बेबी बाई (42) शामिल हैं। कई अन्य लोग निजी चिकित्सालयों में उपचार कराने पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी ने इतनी तेज गति से वाहन चलाया कि बाजार में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। यदि कुछ लोग समय रहते राहगीरों को हटाने का प्रयास नहीं करते तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद पुलिस की लापरवाही को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।