पन्ना

मैं हूं टी-3… जिसकी दहाड़ से गूंजता है पन्ना… इंटरनेशनल टाइगर्स डे पर सुनें मेरी कहानी, कर देगी हैरान

International tiger Day 2025: पेंच टाइगर रिजर्व में जन्म लेने वाले टाइगर 3 ने पन्ना को फिर किया आबाद, इसकी रोचक कहानी सुनकर होगी हैरानी, International Tiger Day 2025 पर जानें पेंच से कैसे पहुंचा पन्ना, शुरू से अंत तक कैसा रहा टाईगर T-3 का सफऱ...

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Jul 29, 2025
International Tiger Day 2025 Story Of tiger 3 roar in Panna Tiger Reserve MP(फोटो सोर्स: फ्रीपिक)

International Tiger Day 2025: शुरू से अंत तक मेरी कहानी(tiger t-3 Interesting Facts) बेहद खास है। जानिए और समझिए... जन्म लिया पेंच के घने जंगलों में। मां ने सिखाया कैसे छिपना है, कैसे शिकार करना है और कैसे जंगल का हिस्सा बनना है। बड़ा हुआ तो तेज, सतर्क और ताकतवर बना, लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरी किस्मत में एक जंगल को पुनर्जीवित करने की जिम्मेदारी लिखी है।

बात 2009 की है, तब पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna tiger Reserve) बाघविहीन हो चुका था। ऐसे वक्त में इंसानों ने मुझे चुना, पन्ना को फिर बाघों से भरने के मिशन का पहला नर बाघ बनने के लिए। हेलिकॉप्टर से लाया गया। पन्ना की जमीन पर पहला कदम रखते ही महसूस किया, यह कोई सामान्य जंगल नहीं, बल्कि यह एक जिम्मेदारी है। शुरुआत आसान नहीं थी। मैं रास्ता भटक गया। ढूंढ़ने के लिए 70 लोगों की टीम महीनेभर भटकी।

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अपने जन्म को सार्थक करना था, इसलिए जंगल में अकेला होने के बाद भी लड़ता रहा। अकेलापन तब दूर हुआ ‘सार्थक मुलाकात’ बाघिन टी-1 और टी-2 से हुई। मैं पिता बना। बच्चों ने पन्ना के जंगल को फिर दहाड़ों से गुंजायमान कर दिया। अब मैं पहले जैसा फुर्तीला नहीं रहा।

ये फैक्ट करेंगे अट्रैक्ट

1.मध्य प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व

1. कान्हा पेंच

2. बांधवगढ़

3. पेंच

4. सतपुड़ा

5. पन्ना

6. संजय-दुबरी

7. वीरांगना दुर्गावती (नौरादेही)

8. रातापानी

9. माधव टाइगर रिजर्व

भारत में सबसे ज्यादा बाघ एमपी में

-मध्य प्रदेश 785
- कर्नाटक 563
-उत्तराखंड - 560
-महाराष्ट्र - 444

दुनिया में सबसे ज्यादा बाघ एमपी में


-मध्य प्रदेश- 785
-रशिया- 500
-इंडोनेशिया- 393
-नेपाल- 355
-थाईलैंड- 161
-मलेशिया- 150

-दुनिया भर में बाघों की अनुमानित संख्या सभी देशों समेत- 5574

तीन साल से ओझल

अभी जिंदा हूं या मर गया यह भी सही से लोगों को पता नहीं। मुझे करीब तीन वर्ष से नहीं देखा गया है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि मैं मर गया होऊंगा। बुजुर्ग जो हो गया था। पेट भरने के लिए शिकार भी नहीं कर पाता था। चूंकि मेरी अभी तक हड्डियां तक नहीं मिलीं, इसलिए मुझे सरकारी रिकॉर्ड में मृत भी नहीं दर्शाया जा रहा। बहरहाल मैं खुश हूं। मैंने अपने जन्म को सार्थक किया। वीरान पन्ना टाइगर रिजर्व को आबाद किया।

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Updated on:
29 Jul 2025 09:48 am
Published on:
29 Jul 2025 09:43 am
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