जेल में बंद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने मोकामा चौक सब-पोस्ट ऑफिस को मोकामा घाट वाले पोस्ट ऑफिस में मिलाने के फैसले का विरोध करते हुए चीफ पोस्टमास्टर जनरल को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने बताया कि इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग लोगों को क्या दिक्कतें होंगी और इस फैसले पर दोबारा विचार करने की रिक्वेस्ट की।
पटना के बेउर जेल में बंद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने मोकामा चौक स्थित उपडाकघर को मोकामा घाट पोस्ट ऑफिस में मर्ज किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ कड़ा एतराज जताया है। अनंत सिंह ने जेल से ही बिहार सर्किल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल को एक विस्तृत पत्र लिखकर इस फैसले से आम जनता, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को होने वाली परेशानियों का हवाला दिया है।
अपने पत्र में अनंत सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को जारी आदेश के तहत मोकामा चौक 5.0 उप डाकघर को मोकामा घाट S.O. में मर्ज किया गया है। यह फैसला जनहित के खिलाफ है और इससे हजारों खाता धारकों को रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। विधायक ने पत्र में लिखा है कि मोकामा चौक उप डाकघर में करीब 20 हजार खाते संचालित हैं। इनमें आरडी, सेविंग अकाउंट, पीपीएफ, एफडी, पीएलआई, आरपीएलआई, सुकन्या समृद्धि योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं के खाते शामिल हैं। ऐसे में इस उप डाकघर को मर्ज करना सीधे तौर पर बड़ी आबादी को प्रभावित करेगा।
अनंत सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि मोकामा चौक से मोकामा घाट पोस्ट ऑफिस की दूरी 6 किलोमीटर से अधिक है। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में रहने वाले खाता धारकों के लिए इतनी दूरी तय करना आसान नहीं होगा। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग लोग रोजमर्रा के लेनदेन के लिए इतनी दूर जाने में असमर्थ रहेंगे।
पत्र में यह बात भी उठाई गई कि मोकामा चौक उप डाकघर के आसपास चार बैंक स्थित हैं और पूरा इलाका व्यवसायिक गतिविधियों का केंद्र है। स्पीड पोस्ट, जमा-निकासी और अन्य डाक सेवाओं के लिए यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप डाकघर के मर्ज होने से स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को अतिरिक्त असुविधा होगी।
अनंत सिंह ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि अनुमानतः 8000 से अधिक खाते ऐसे लोगों के हैं, जिनमें बुजुर्ग महिलाएं और दिव्यांग शामिल हैं। मर्जर के बाद इन्हें सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी, जो सामाजिक दृष्टि से भी चिंताजनक है। अपने पत्र के अंत में विधायक ने आग्रह किया कि जनहित और नागरिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोकामा चौक उप डाकघर को उसकी वर्तमान स्थिति में ही बनाए रखा जाए। उन्होंने लिखा कि यदि यह उप डाकघर यथावत रहता है तो क्षेत्र के हजारों खाता धारक विभाग के आभारी रहेंगे।
इस बीच, मोकामा क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, वरीय डाक अधिकारियों की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि जनता की मांग को देखते हुए मोकामा चौक उप डाकघर को मोकामा घाट में मर्ज नहीं किया जाएगा। इसके लिए विधायक की अनुशंसा और स्थानीय आवेदन को मंत्रालय तक भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से देशभर में 500 से अधिक पोस्ट ऑफिस के मर्जर का आदेश जारी किया गया है। मोकामा चौक उप डाकघर के मर्ज होने की खबर जैसे ही सामने आई, इलाके में विरोध शुरू हो गया। स्थानीय लोगों ने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए नाराजगी जताई थी। अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि की दखल और अधिकारियों के आश्वासन के बाद उम्मीद की जा रही है कि मोकामा को इस फैसले से राहत मिल सकती है।