पटना

मोकामा में 40 आशियानों पर चला बुलडोजर, बाहुबली अनंत सिंह का आश्वासन भी नहीं आया काम

मोकामा की रेलवे कॉलोनी में बुलडोजरों ने 40 घरों को ढहा दिया है। इन ढहाए गए घरों के निवासियों को बाहुबली अनंत सिंह ने यह आश्वासन दिया था कि कम से कम तीन महीनों तक कोई भी उन्हें उनके घरों से बेदखल नहीं करेगा।
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Mar 26, 2026
अनंत सिंह, मोकामा, bihar news, bulldozer action
मोकामा रेलवे कॉलोनी में बुलडोजर एक्शन

बिहार की राजधानी पटना से सटे मोकामा के रेलवे कॉलोनी में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ गुरुवार को बुलडोजर एक्शन हुआ। हालांकि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तो अक्सर होती रहती है, लेकिन इस खास अभियान ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं, जिसका मुख्य कारण इसमें जदयू विधायक और बाहुबली अनंत सिंह हैं। दानापुर रेलवे मंडल के कड़े रुख के सामने, बाहुबली विधायक द्वारा दिया गया वह आश्वासन पूरी तरह से बेकार साबित हुआ, जिस पर 40 परिवारों ने अपनी उम्मीदें टिका रखी थीं और यह मान बैठे थे कि उन्हें बेदखल नहीं किया जाएगा।

अनंत सिंह का दिया हुआ आश्वासन फेल

हाल ही में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हुए अनंत सिंह ने मोकामा रेलवे कॉलोनी में उन परिवारों से मुलाकात की थी जो अतिक्रमण के खिलाफ जारी बेदखली के नोटिसों को लेकर डरे हुए थे। पीड़ितों के अनुसार, अनंत सिंह ने उन्हें पूरे आत्मविश्वास के साथ आश्वासन दिया था कि अगले कम से कम तीन महीनों तक कोई भी उन्हें उनके घरों से नहीं हटाएगा। हालांकि, ठीक इसके विपरीत हुआ। गुरुवार की तड़के ही रेलवे इंजीनियरिंग विभाग और RPF (रेलवे सुरक्षा बल) की एक संयुक्त टीम भारी पुलिस बल की सुरक्षा में बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंच गई।

मची अफरा-तफरी, रोते-बिलखते दिखे परिवार

जैसे ही बुलडोजरों ने रेलवे की जमीन पर बनी अवैध स्ट्रक्चर को गिराना शुरू किया, पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपनी-कीमती चीजों चीजो को बचाने के लिए हताशा में इधर-उधर भागने लगे। एक महिला ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, 'हम कल ही विधायक जी (अनंत सिंह) से मिले थे और उन्होंने हमसे कहा था कि कोई भी हमें बेदखल नहीं करेगा। हमें उम्मीद थी कि कम से कम त्योहारों का मौसम बीतने तक तो हमें मोहलत मिल जाएगी, लेकिन भोर होते ही सब कुछ जमींदोज कर दिया गया। अब, हम अपने बच्चों को लेकर कहां जाएं?'

DRM ने दिया था कार्रवाई का आदेश

इस कार्रवाई के पीछे मुख्य वजह दानापुर के DRM (मंडल रेल प्रबंधक) विनोद कुमार का वह कड़ा रुख है, जिसे उन्होंने 20 मार्च, 2026 को मोकामा स्टेशन के निरीक्षण के दौरान अपनाया था। DRM ने रेलवे की जमीन और आवासीय क्वार्टरों के गलत इस्तेमाल पर गहरी नाराजगी जाहिर की थी और अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सभी अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। रेलवे विभाग का कहना है कि स्टेशन के आधुनिकीकरण को आसान बनाने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।

रेलवे की इस सख्त कार्रवाई से जहां एक ओर स्थानीय लोग नाराज हैं और अनंत सिंह के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रेलवे प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन को वापस लिए बिना विकास संभव नहीं है और प्रशासन अतिक्रमण के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

Updated on:
26 Mar 2026 08:10 pm
Published on:
26 Mar 2026 08:10 pm
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