
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। हालांकि, इस बार मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई। 2025 के विधानसभा चुनाव में जहां बांकीपुर सीट पर करीब 41 प्रतिशत मतदान हुआ था, वहीं 2026 के उपचुनाव में यह आंकड़ा घटकर लगभग 35 प्रतिशत रह गया। इसी बीच मतदान के दौरान एक गंभीर चूक भी सामने आई है, जिसे लेकर चुनाव आयोग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में करीब 200 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मतदान के दौरान कई मतदाता मोबाइल फोन लेकर मतदान केंद्र के भीतर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने ईवीएम पर अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करते हुए वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इससे मतदान की गोपनीयता भंग होने का मामला सामने आया है। चुनाव आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की मदद से ऐसे वीडियो की पहचान शुरू कर दी है। साथ ही वीडियो बनाने वाले मतदाताओं और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड या प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में मतदाता ईवीएम का बटन दबाते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ वीडियो में लोग यह पूछते भी नजर आ रहे हैं कि किस प्रत्याशी को वोट देना है और किस नंबर का बटन दबाना है। चुनाव आयोग इन सभी वीडियो की जांच कर रहा है। इसके अलावा, उन वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है जिनमें कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मतदान करने से रोका गया या पर्ची नहीं दी गई।
यह पहली बार नहीं है जब मतदान की गोपनीयता से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया हो। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के दौरान भी ईवीएम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले सामने आए थे। उस समय संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, मतदान केंद्र के भीतर ईवीएम की फोटो या वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर साझा करना मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन है तथा यह विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस और चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई करते हैं।