
Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर का मामला अब राज्य के शिक्षा विभाग और स्कूल के सिलेबस तक पहुंच गया है। एक कानूनी और सामाजिक कार्यकर्ता ने बिहार सरकार के आधिकारिक 'सहयोग पोर्टल' (RTMS) पर एक अनोखा आवेदन दर्ज कराया है। इस आवेदन में मांग की गई है कि भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी केस को बिहार के सभी स्कूलों और कॉलेजों के सिलेबस में शामिल किया जाए।
पटना की बुद्ध कॉलोनी के रहने वाले कानूनी और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभाष चंद्र शर्मा ने बिहार सरकार के आधिकारिक सहयोग पोर्टल पर यह आवेदन दर्ज किया है। शिक्षा विभाग को भेजे गए इस आवेदन के शिकायत विवरण में आवेदनकर्ता ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को संबोधित करते हुए लिखा कि भोजपुर के भरत भूषण तिवारी की हत्या पुलिस की वर्दी और कानून-व्यवस्था तंत्र की आड़ में प्रत्यक्ष रूप से निजी और जातीय नफरत को संतुष्ट करने के साफ मकसद से की गई थी। बेरहमी से हुई इस हत्या के बाद अब सरकार के खिलाफ निरपेक्षीय देशव्यापी आंदोलन खड़ा हो गया है।
आवेदन में तर्क दिया गया है कि इस पूरी घटना को बिहार के स्कूलों और विश्वविद्यालयों के सिलेबस का हिस्सा बनाया जाना चाहिए ताकि देश की नौकरशाही और आने वाली पीढ़ियों को एक अहम सबक दिया जा सके और इसे एकेडमिक स्टडी का विषय बनाया जा सके। इस अअर्जी को पोर्टल के जरिए सीधे पटना के जिला शिक्षा अधिकारी के पास भी भेज दिया गया है।
यह पूरा मामला भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव का है, जहां 17 जून 2026 को एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने 28 वर्षीय युवक भरत भूषण तिवारी को एक कथित एनकाउंटर में मार गिराया था। पुलिस का दावा था कि भरत ने उन पर गोली चलाई थी और उन्होंने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की थी। हालांकि, कथित एनकाउंटर से पहले भरत तिवारी फेसबुक पर लाइव आए थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कहानी पर सवाल उठने लगे।
भरत तिवारी के परिवार और गांव के लोगों ने भी एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कहा कि गोली चलने से ठीक पहले भरत ने अपनी पिस्तौल फेंक दी थी और सरेंडर कर रहा था। इसके बावजूद, उसके पैरों और जांघों में पांच गोलियां मारी गईं। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति और सामाजिक हलकों में भारी उबाल आ गया है। बड़े-बड़े नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ता, इंफ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स भरत तिवारी के गांव पहुंचने लगे और न्याय की मांग करने लगे।