पटना

Bharat Tiwari Encounter: ब्लड प्रेशर बढ़ा, तबीयत बिगड़ी, भरत तिवारी की मां का आमरण अनशन 20 जुलाई तक टला

Bharat Tiwari Encounter भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी की तबीयत बिगड़ने के कारण उनका प्रस्तावित आमरण अनशन फिलहाल 20 जुलाई तक स्थगित कर दिया गया है। परिवार का कहना है कि यदि तब तक न्यायिक जांच में प्रगति नहीं हुई, तो वे  20 जुलाई से फिर सेअनशन शुरू करेंगी।
2 min read
Jul 09, 2026
bharat tiwari mother
भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी

Bharat Tiwari Encounter बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि, गुरुवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

शाहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर मुन्ना प्रसाद ने जांच के बाद बताया, "उनका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया है। उन्हें हल्का बुखार भी है।" उन्होंने कहा कि लगातार रोने और मानसिक तनाव के कारण आशा देवी की शारीरिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है। उनकी आंखों में सूजन है और शरीर में भी काफी कमजोरी आ गई है। डॉक्टरों के अनुसार, मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति में उनका आमरण अनशन पर बैठना उनके लिए खतरनाक हो सकता है।

मां की तबीयत बिगड़ी, अनशन स्थगित

भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा, "मेरी मां की तबीयत खराब होने के कारण प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को फिलहाल 20 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यदि तब तक न्यायिक जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो वह 20 जुलाई के बाद भूख हड़ताल पर बैठेंगी।" उन्होंने बताया कि भरत तिवारी की एनकाउंटर में मौत के बाद से उनकी मां ने लगभग खाना-पीना छोड़ दिया है। परिवार किसी तरह उन्हें थोड़ा-बहुत भोजन करा पा रहा है।

12 जून की शिकायत, 17 जून का एनकाउंटर

17 जून को पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि 12 जून से ही बननी शुरू हो गई थी। आरोप है कि भरत भूषण तिवारी ने सरकारी योजनाओं और फंड में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की थी। हालांकि, वह इससे पहले भी गांव की विभिन्न समस्याओं को लेकर लोगों की आवाज बनने का प्रयास करता रहा था। 12 जून को वह अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचा, लेकिन वहां उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद वह अपनी बात लेकर डीएसपी के पास पहुंचा। आरोप है कि डीएसपी ने भी उसकी शिकायत लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। सूत्रों का कहना है कि डीएसपी ऑफिस का विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और अंततः घटनाक्रम पुलिस मुठभेड़ तक पहुंच गया।

Updated on:
09 Jul 2026 09:06 pm
Published on:
09 Jul 2026 08:54 pm