
Bihar Cabinet Meeting: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसलों को मंज़ूरी दी गई। बैठक में बिहार में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना, पर्यटन के लिए ₹5,000 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए ₹1 लाख करोड़ के लोन प्रस्ताव सहित कुल 45 एजेंडो को मंजूरी दी गयी।
उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और राज्य से छात्रों के पलायन को रोकने के लिए कैबिनेट ने बिहार के विभिन्न जिलों में पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन को मंज़ूरी दे दी है।
इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 211 नए डिग्री कॉलेजों में एकेडमिक गतिविधियां बढ़ाने का फ़ैसला किया गया है। साथ ही, राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियम-2026 को कैबिनेट की मंज़ूरी मिल गई है, जिससे शिक्षकों से जुड़ा लंबे समय से लंबित मामला सुलझ गया है।
बिहार के शहरीकरण और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने वित्तीय पैकेज को मंजूरी दी है। राज्य में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप और शहरी विकास परियोजनाओं के निर्माण के लिए हुडको (HUDCO) से 1,00,000 करोड़ (एक लाख करोड़ रुपये) के दीर्घकालिक वित्त पोषण प्राप्त करने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) हस्ताक्षरित करने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और छपरा योजना क्षेत्र के भौगोलिक विस्तार को भी मंजूरी दी गई।
पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक पटल पर लाने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को हुडको और अन्य वित्तीय संस्थानों से कतिपय शर्तों एवं राज्य सरकार की गारंटी पर 5,000 करोड़ (पांच हजार करोड़ रुपये) का वित्त पोषण प्राप्त करने के लिए प्राधिकृत किया गया है। आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के उद्देश्य से माइक्रोसॉफ्ट, गूगल क्लाउड, सर्वम और को-रोवर के साथ तकनीकी समझौतों को भी हरी झंडी दी गई है।
इसके अतिरिक्त, हाल ही में भोजपुर जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत बिलौटी ग्राम में हुई पुलिस कार्रवाई की घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग के गठन के प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है।