24 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद क्या हुआ? सिविल सर्जन बोले- 10 बजे आरा लाया गया, फिर गंभीर हालत में पटना भेजा

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब इलाज से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भोजपुर के सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि गंभीर हालत में मरीज को शाहपुर सीएचसी से रेफर कर आरा सदर अस्पताल लाया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम पहले से तैयार थी। जांच के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।
2 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Jun 24, 2026

Bharat Tiwari Encounter

भरत तिवारी और सिविल सर्जन शिवेंद्र सिन्हा (फोटो- IANS)

Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर ने हलचल मचा दी है। इस मामले को लेकर रोज नए-नए बयान और खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में अब भोजपुर के सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा का एक बयान सामेन आया है। जिसमें उन्होंने गोलीबारी के बाद भरत के इलाज, अस्पताल आगमन और उसे पटना रेफर किए जाने की टाइमलाइन स्पष्ट की है। सिविल सर्जन ने बताया कि गंभीर रूप से घायल भरत तिवारी के अस्पताल पहुंचने से पहले ही अस्पताल की मेडिकल टीम स्टैंडबाय पर थी।

शाहपुर CHC से ही आ गया था अलर्ट, डॉक्टर थे मुस्तैद

एनकाउंटर के बाद घायल भरत तिवारी के आरा सदर अस्पताल पहुंचने पर स्थिति के बारे में बताते हुए सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा, "मरीज (भरत भूषण तिवारी) को हमारे प्राथमिक उपचार केंद्र यानी शाहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जिला अस्पताल आरा के लिए रेफर किया गया था, जहां उसे घटना के तुरंत बाद शुरुआती और जरूरी प्राथमिक चिकित्सा दी गई थी। चूंकि मामला अत्यधिक संवेदनशील और गोली लगने के कारण गंभीर था, इसलिए उसे हमारे पास जिला मुख्यालय भेजा गया।

सिविल सर्जन ने बताया कि शाहपुर अस्पताल से मरीज को आरा रेफर किए जाने की आधिकारिक सूचना हमारी टीम को पहले ही एडवांस में दे दी गई थी। सुबह ठीक 10:00 बजे अटेंडेंट मरीज को लेकर हमारे अस्पताल पहुंचे। जैसे ही हमें शाहपुर से सूचना मिली ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट (हड्डी रोग विशेषज्ञ), जनरल सर्जन और एनेस्थेटिस्ट सहित पूरी मेडिकल टीम स्टैंडबाय पर थी, क्योंकि हमें पता था कि एक बड़ा और क्रिटिकल केस आ रहा है जिसमें तुरंत ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है।"

गंभीर हालत के कारण PMCH रेफर किया गया

मरीज के आने पर डॉक्टरों द्वारा की गई कार्रवाई और उसकी गंभीर हालत के बारे में बात करते हुए सिविल सर्जन ने साफ किया कि आरा अस्पताल में शुरुआती स्तर पर मरीज की हालत को स्थिर करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही मरीज़ उनके अस्पताल पहुंचा एक स्पेशलाइज़्ड मेडिकल टीम ने ऑपरेशन थिएटर में इलाज की कोशिश की। मुश्किल रिससिटेशन प्रक्रिया के बाद उसे समय रहते रेफर कर दिया गया। उन्होंने कहा, "मरीज की आर्टरी फट गई थी, इसलिए हम कोई जोखिम नहीं ले सकते थे।"

सिविल सर्जन ने बताया कि डॉक्टरों की टीम द्वारा इमरजेंसी उपचार देने के बाद मरीज़ को रेफर किया गया था। आम तौर पर जब भोजपुर ज़िले का कोई मरीज़ बहुत गंभीर हालत में होता है और उसे मल्टी-स्पेशलिटी देखभाल और न्यूरो-वैस्कुलर सपोर्ट की ज़रूरत होती है, तो हम उसे बेहतर इलाज के लिए पटना के NMCH या PMCH में रेफर करते हैं। इस मामले में भी, मरीज की जान बचाने के लिए उसे तुरंत पटना रेफर किया गया था।

आरा अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं हुआ

सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा के अनुसार भरत तिवारी का पोस्टमार्टम उनके अस्पताल में नहीं किया गया। चूंकि मरीज़ गंभीर हालत में था और उसे बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान या पहुंचने पर उसकी मौत हो गई। इसलिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और इनक्वेस्ट रिपोर्ट पटना में ही की गई हो