
भरत तिवारी और सिविल सर्जन शिवेंद्र सिन्हा (फोटो- IANS)
Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर ने हलचल मचा दी है। इस मामले को लेकर रोज नए-नए बयान और खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में अब भोजपुर के सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा का एक बयान सामेन आया है। जिसमें उन्होंने गोलीबारी के बाद भरत के इलाज, अस्पताल आगमन और उसे पटना रेफर किए जाने की टाइमलाइन स्पष्ट की है। सिविल सर्जन ने बताया कि गंभीर रूप से घायल भरत तिवारी के अस्पताल पहुंचने से पहले ही अस्पताल की मेडिकल टीम स्टैंडबाय पर थी।
एनकाउंटर के बाद घायल भरत तिवारी के आरा सदर अस्पताल पहुंचने पर स्थिति के बारे में बताते हुए सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा, "मरीज (भरत भूषण तिवारी) को हमारे प्राथमिक उपचार केंद्र यानी शाहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जिला अस्पताल आरा के लिए रेफर किया गया था, जहां उसे घटना के तुरंत बाद शुरुआती और जरूरी प्राथमिक चिकित्सा दी गई थी। चूंकि मामला अत्यधिक संवेदनशील और गोली लगने के कारण गंभीर था, इसलिए उसे हमारे पास जिला मुख्यालय भेजा गया।
सिविल सर्जन ने बताया कि शाहपुर अस्पताल से मरीज को आरा रेफर किए जाने की आधिकारिक सूचना हमारी टीम को पहले ही एडवांस में दे दी गई थी। सुबह ठीक 10:00 बजे अटेंडेंट मरीज को लेकर हमारे अस्पताल पहुंचे। जैसे ही हमें शाहपुर से सूचना मिली ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट (हड्डी रोग विशेषज्ञ), जनरल सर्जन और एनेस्थेटिस्ट सहित पूरी मेडिकल टीम स्टैंडबाय पर थी, क्योंकि हमें पता था कि एक बड़ा और क्रिटिकल केस आ रहा है जिसमें तुरंत ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है।"
मरीज के आने पर डॉक्टरों द्वारा की गई कार्रवाई और उसकी गंभीर हालत के बारे में बात करते हुए सिविल सर्जन ने साफ किया कि आरा अस्पताल में शुरुआती स्तर पर मरीज की हालत को स्थिर करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही मरीज़ उनके अस्पताल पहुंचा एक स्पेशलाइज़्ड मेडिकल टीम ने ऑपरेशन थिएटर में इलाज की कोशिश की। मुश्किल रिससिटेशन प्रक्रिया के बाद उसे समय रहते रेफर कर दिया गया। उन्होंने कहा, "मरीज की आर्टरी फट गई थी, इसलिए हम कोई जोखिम नहीं ले सकते थे।"
सिविल सर्जन ने बताया कि डॉक्टरों की टीम द्वारा इमरजेंसी उपचार देने के बाद मरीज़ को रेफर किया गया था। आम तौर पर जब भोजपुर ज़िले का कोई मरीज़ बहुत गंभीर हालत में होता है और उसे मल्टी-स्पेशलिटी देखभाल और न्यूरो-वैस्कुलर सपोर्ट की ज़रूरत होती है, तो हम उसे बेहतर इलाज के लिए पटना के NMCH या PMCH में रेफर करते हैं। इस मामले में भी, मरीज की जान बचाने के लिए उसे तुरंत पटना रेफर किया गया था।
सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा के अनुसार भरत तिवारी का पोस्टमार्टम उनके अस्पताल में नहीं किया गया। चूंकि मरीज़ गंभीर हालत में था और उसे बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान या पहुंचने पर उसकी मौत हो गई। इसलिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और इनक्वेस्ट रिपोर्ट पटना में ही की गई हो
Updated on:
24 Jun 2026 06:33 pm
Published on:
24 Jun 2026 06:32 pm
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