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‘कोर्ट में क्लियर हो जाएगा यह हत्या है, जानबूझकर इलाज में की गई देरी’; भरत तिवारी एनकाउंटर पर पूर्व RAW एजेंट लकी बिष्ट का दावा

Lucky Bisht on Bharat Tiwari encounter: भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लकी बिष्ट की भी एंट्री हो गयी है। बिलौटी गांव पहुंचे लकी बिष्ट ने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकत करने के बाद पुलिस के आधिकारिक बयान पर सवाल उठाए, निष्पक्ष जांच की मांग की और युवाओं से कानून के दायरे में रहकर न्याय के लिए लड़ने का आग्रह किया।
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पटना

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Anand Shekhar

Jun 24, 2026

former raw agent lucky bisht on bharat tiwari encounter

भरत तिवारी और पूर्व RAW एजेंट लकी बिष्ट (फोटो- Bharat Tiwari and Lucky Bisht FB)

Bharat Tiwari Encounter: देश के सबसे चर्चित पूर्व RAW एजेंट, स्नाइपर और NSG कमांडो लकी बिष्ट अब भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में चर्चा में आ गए हैं। शाहपुर के बिलौटी गांव में पीड़ित परिवार से मिलने के बाद बिष्ट ने मीडिया से बात करते हुए घटना के बारे में पुलिस के आधिकारिक बयान पर सवाल उठाए। पूर्व एजेंट ने दावा किया कि यह कोई पुलिस एनकाउंटर नहीं, बल्कि बहुत सोच-समझकर और सही समय पर अंजाम दी गई हत्या थी, जो न्यायपालिका में साबित हो जाएगी। उन्होंने इस घटना को देश के संविधान और न्यायिक व्यवस्था का सीधा उल्लंघन बताया।

कसाब को भी मौका मिला तो भरत को क्यों नहीं?

पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने कहा, "मैं खुद घटनास्थल पर मौजूद नहीं था, लेकिन मैंने अपने देश के लिए जीवन में हजारों सैन्य ऑपरेशन्स किए हैं। फेसबुक लाइव के आखिरी हिस्से में भरत तिवारी साफ-साफ कह रहा है कि वो सरेंडर करने के लिए तैयार हैं। इसके बाद उसने अपनी पिस्टल पुलिस वालों के सामने फेंक दी। इसका सीधा और साफ मतलब है कि उसने अपना हथियार डाल दिया था।"

लकी बिष्ट ने कहा, "इस देश का संविधान ऐसा है कि अगर एक खूंखार आतंकवादी भी सरेंडर करना चाहेगा, तो उसे सरेंडर करने का मौका दिया जाएगा। हमने अजमल कसाब जैसे देश के सबसे बड़े आतंकी को भी जिंदा पकड़ा और न्यायपालिका में अपनी बात रखने का मौका दिया। तो फिर बिहार पुलिस ने एक निहत्थे हो चुके इंसान को पकड़कर उस पर गोलियां क्यों बरसाईं?"

यह प्री-प्लान्ड हत्या है - लकी बिष्ट

एसएचओ के इस दावे पर कि भरत ने वेपन फेंक कर दोबारा उठा लिया था, लकी बिष्ट ने कहा, "यह बहुत जल्दी न्यायपालिका में क्लियर हो जाएगा। जब भरत ने हथियार फेंका, तो वह पुलिस वालों से महज दो कदम की दूरी पर था। अगर पुलिस चाहती तो हथियार को तुरंत अपने कब्जे में ले सकती थी। भरत उस समय काफी दूर था। यह पुलिसिया स्टेटमेंट पूरी तरह बनावटी है और कोर्ट में टिक नहीं पाएगा। यह मानसिक रूप से प्रताड़ित कर की गई एक प्री-प्लान्ड हत्या है।"

15 गज की रेंज वाली पिस्टल से 50 मीटर दूर फायर?

पुलिस के इस दावे पर कि भरत तिवारी ने 50 मीटर की दूरी से पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग की और गोली गाड़ी के बोनट पर जाकर लगी, लकी बिष्ट ने एक स्नाइपर और वेपन एक्सपर्ट के तौर पर कहा, "भरत तिवारी के पास जो लोकल मेड पिस्टल थी, जो शायद बिहार की ही बनी होगी, उसकी रेंज हार्डली 15 गज होती है। जबकि पुलिस का दावा है कि वे भरत से कम से कम 50 मीटर दूर थे। यह पूरी तरह से एक सफेद झूठ है कि 15 गज की क्षमता वाली लोकल पिस्टल से चली गोली 50 मीटर दूर पुलिस की गाड़ी के बोनट को हिट कर देगी।"

लकी बिष्ट ने कहा, "वीडियो में भी साफ नजर आ रहा है कि भरत जो भी फायर कर रहा है, वो सिर्फ अपनी ओर ध्यान खींचने के लिए ग्राउंड लेवल पर मार रहा है। पुलिस के पास ऑटोमैटिक और अत्याधुनिक हथियार थे। यह मुठभेड़ नहीं, सीधे तौर पर की गई हत्या है और बहुत जल्द दुनिया को इसके वैज्ञानिक सबूत भी मिल जाएंगे।"

शरीर से खून बहने का इंतजार करती रही पुलिस

एनकाउंटर के बाद भरत तिवारी को शरीर के विशिष्ट हिस्सों में पांच गोलियां मारने और उसके बाद उसे तुरंत किसी बड़े अस्पताल न ले जाने को लेकर लकी बिष्ट ने कहा, "पुलिस को अच्छी तरह पता था कि अगर भरत को तुरंत किसी बड़े अस्पताल ले गए, तो डॉक्टरों की टीम इसे बचा लेगी। इसलिए उनका एकमात्र मकसद यह था कि पटना या किसी बड़े ट्रामा सेंटर पहुंचने से पहले ही शरीर का सारा ब्लड बाहर निकल जाए।"

लकी बिष्ट ने कहा, "भरत को पहले नजदीकी छोटे अस्पतालों में ले जाया गया, जहां उन्हें पता था कि कोई गंभीर इलाज संभव नहीं है। वहां सिर्फ समय बर्बाद किया गया। इसके बाद आरा के अस्पताल ले गए और खून बहने दिया गया। जब उन्हें पूरा यकीन हो गया कि अब शरीर में जान नहीं बची है और 3 से 3.5 लीटर ब्लड निकल चुका है, तब जाकर उसे आगे रेफर करने का नाटक किया गया। इस देश में लोगों को 20-20 गोलियां लगी हैं लेकिन सही समय पर प्राथमिक उपचार मिलने की वजह से वे आज भी जीवित हैं। यहां तो नीयत ही जान लेने की थी।"

आवाज उठाओ लेकिन हथियार मत उठाना

जब लकी बिष्ट से पूछा गया कि इस घटना के बाद युवा आक्रोशित हैं और एक बड़ा संगठन या हथियार उठाने की बात कर रहा है। तो पूर्व कमांडो ने युवाओं से अपील करते हुए कहा, "मैं देश के युवाओं से यही कहूंगा कि अन्याय के खिलाफ आवाज जरूर उठाइए। लेकिन कभी हथियार मत उठाना। अगर आपने अपने हाथ में कानून या हथियार ले लिया, तो आपकी 1,000 अच्छाइयां भी एक पल में खत्म हो जाएगी। अगर आपने हथियार उठाया, तो आप कितने भी अच्छे इंसान क्यों न हों, तब भी मुझे देश और कानून की रक्षा के लिए आपके खिलाफ में खड़ा होना पड़ेगा। इसलिए इंसाफ की लड़ाई को सिर्फ कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से ही लड़ें।"

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