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भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बागेश्वर बाबा की एंट्री, बोले- वह सनातनी योद्धा था, सरेंडर के बाद जान लेना पाप

Dhirendra Shastri on Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी भी हो तो उसे सजा न्यायपालिका से मिलनी चाहिए। साथ ही भरत तिवारी के परिवार से मिलने का ऐलान और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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पटना

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Anand Shekhar

Jun 24, 2026

dhirendra shastri on bharat tiwari encounter

बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री

Bageshwar Baba on Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब जाने-माने कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) की एंट्री हो गई है। विदेश दौरे से लौटने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने इस घटना पर नाराजगी जताई और इसे न्यायपालिका, देश के कानून और सनातन शास्त्रों के विरुद्ध बताया। भरत तिवारी को सनातनी योद्धा बताते हुए उन्होंने ऐलान किया कि वह जल्द ही भरत तिवारी के गांव जाएंगे ताकि न्याय की लड़ाई में परिवार का साथ दे सकें।

बाबा ने पुलिस को दिया रामायण का ज्ञान

बागेश्वर धाम सरकार ने एनकाउंटर के बाद भोजपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने रामचरितमानस और सनातन परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि जो व्यक्ति कानून या व्यवस्था की शरण में आ जाए, उसे मारना महापाप की श्रेणी में आता है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "जब विभीषण ने भगवान राम की शरण ली थी, तो क्या उनका वध किया गया था? बोलो… नहीं न। वह तो शत्रु (रावण) के भाई थे, फिर भी प्रभु ने उन्हें गले लगाया। हमारा सनातन, हमारे वेद, शास्त्र और रामायण सभी यही कहते हैं कि यदि कोई शरण में आए तो उसका वध नहीं किया जाता। भरत तिवारी ने जब फेसबुक लाइव पर आकर सबके सामने सरेंडर कर दिया था, तो उसके बाद उस पर गोलियां बरसाना किसी भी कीमत पर उचित नहीं था। यह घोर पाप है।"

हिंदुत्व के लिए जीने वाला बालक था भरत

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "वह एक सनातनी, हिंदुत्व के लिए जीने वाला बालक था। मैं विदेश में था पर भारत आते ही मुझे बिहार के इस बालक के बारे में पूरी जानकारी मिली जो हिंदुओं और सनातनियों के लिए लड़ता था। प्रशासन ने उसके सरेंडर करने के बाद उस पर गोली चलाई, ये हमे भी पता है। मैं भरत तिवारी के परिवार को अपना विशेष आशीर्वाद देता हूं और भगवान ने चाह तो मैं बहुत जल्द उनके गांव आकर परिजनों से मुलाकात करूंगा। हम हमेशा सनातनियों के साथ खड़े हैं।"

सरकार से की पारदर्शी जांच की मांग

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को खुद जज बनने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा, "अगर वह (भरत तिवारी) अपराधी था भी, तो उसे दंड न्यायपालिका से मिलना चाहिए था। पुलिस या प्रशासन खुद मौके पर इंसाफ नहीं कर सकता। अब जो भी हुआ है, उसकी वहां की सरकार और मुख्यमंत्री जांच करवाएं, ताकि भविष्य में दोबारा किसी भी निर्दोष या सरेंडर कर चुके व्यक्ति के साथ ऐसा खेल न दोहराया जा सके।"

भोजपुर पुलिस बैकफुट पर, डीएसपी समेत 5 पर हत्या का मुकदमा

बता दें कि इस मामले में मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी के लिखित आवेदन के आधार पर जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, शाहपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ पहले ही हत्या और आपराधिक साजिश की नामजद प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। परिजनों का आरोप है कि पटना से गई एसटीएफ की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस फर्जी एनकाउंटर को अंजाम दिया था।

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