पटना

सस्पेंड हुए IAS अभिलाषा और योगेश कौन? जिन्हें रिशु श्री ने दिया 22 लाख का यूरोप टूर और 9 लाख का गार्डन

Bihar IAS Suspension: बिहार सरकार ने दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर को सस्पेंड कर दिया है। इन दोनों पर भ्रष्टाचार, टेंडर फिक्सिंग और ठेकेदार से अनुचित लाभ लेने के आरोप हैं। यह कार्रवाई ED और SVU की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
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May 31, 2026
svu raid in Bihar Tender scam
IAS योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा

Bihar IAS Suspension: बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार और अवैध कमीशन लेने से जुड़े एक मामले में अहम कार्रवाई की है। अनुचित लाभ लेने के आरोप में दो सीनियर IAS अफसर अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद की गई, जिस पर अधिकारियों को भारी रिश्वत देकर सरकारी टेंडरों में हेरफेर करने का आरोप है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सस्पेंशन आदेश के अनुसार, स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिले संवेदनशील दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और बयानों के आधार पर यह एक्शन लिया गया है।

कौन हैं योगेश सागर?

उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले योगेश कुमार सागर बिहार कैडर के 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 2012 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से MBBS की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अररिया के फारबिसगंज में सब-डिविजनल ऑफ़िसर (SDO) के तौर पर की थी। इसके बाद, उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया। वे भागलपुर नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर रहे और फिर 7 मार्च 2024 से 17 फरवरी, 2025 तक बिहार अर्बन इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BUIDCO) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के पद पर रहे। सस्पेंशन के समय, वे समाज कल्याण विभाग में डायरेक्टर के पद पर तैनात थे।

योगेश सागर पर क्या है आरोप?

BUIDCO के MD के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, योगेश सागर पर तय नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार रिशु श्री के पार्टनर और करीबी सहयोगियों की ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को ब्लैकलिस्ट से हटाने के आरोप लगे, साथ ही उन पर टेंडर फिक्सिंग के भी आरोप लगे। ED की जांच में पता चला कि इस टेंडर फिक्सिंग के बदले ठेकेदार रिशु श्री ने IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर और उनके आठ रिश्तेदारों की विदेश यात्रा का पूरा खर्च उठाया था। 22 जून 2024 से 30 जून 2024 के बीच योगेश सागर अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रिया के शहरों वियना, साल्ज़बर्ग और वोल्फगैंग की यात्रा पर गए। उनके ठहरने और हवाई किराए के लिए 21.92 लाख रुपये का पूरा भुगतान रिशु श्री की शेल कंपनियों के जरिए किया गया।

IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा कौन हैं?

अभिलाषा कुमारी शर्मा 2014 बैच की एक वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। उन्होंने बिहार सरकार में कई अहम पदों पर काम किया है, जिसमें सीतामढ़ी के जिलाधिकारी का पद भी शामिल है। निलंबित होने से ठीक पहले, वह ग्रामीण विकास विभाग के तहत जीविका में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) के पद पर तैनात थीं। हालांकि, अभिलाषा शर्मा सीधे तौर पर BUDCO में तैनात नहीं थीं, लेकिन नगर विकास एवं आवास विभाग (जो बुडको की पैरेंट मिनिस्ट्री है) में संयुक्त सचिव रहने के कारण उनका बुडको पर प्रशासनिक नियंत्रण था। आरोप है कि उन्होंने टेंडर की शर्तों को रिशु श्री के मुताबिक मैनेज करने में मदद की थी।

अभिलाषा शर्मा पर क्या है आरोप?

आरोप है कि अभिलाषा शर्मा ने टेंडर की शर्तों को रिशु श्री के मुताबिक मैनेज करने में मदद की थी। जांच ​​एजेंसियों को मिले सबूतों ने इस साठगांठ का पर्दाफाश किया है। ठेकेदार रिशु श्री के मोबाइल से मिली चैट से IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा के साथ उनके सीधे कनेक्शन का पता चला है। IAS अभिलाषा शर्मा के मोबाइल से रिशु श्री के फोन पर भेजे गए एक मैसेज में लिखा था, 'भाई, मोबाइल फोन बहुत बढ़िया है।'

ED की जांच से पता चला है कि रिशु श्री ने अधिकारी को एक बहुत महंगा फोन गिफ्ट किया था, जिसके बाद उन्होंने आभार जताने के लिए यह व्हाट्सप्प मैसेज भेजा था। इसके अलावा अभिलाषा कुमारी शर्मा के सरकारी आवास की छत पर एक भव्य और आलीशान रूफटॉप गार्डन बनवाया गया, जिस पर 9 लाख रुपये खर्च हुए और यह पूरा खर्च उसी ठेकेदार ने उठाया। रिशु श्री ने उनके रिश्तेदारों की गोवा, दिल्ली और हैदराबाद की यात्राओं के हवाई टिकटों का खर्च भी उठाया।

कौन हैं रिशु श्री? जिसने बिहार की नौकरशाही को हिलाकर रख दिया

इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड पटना के मिठापुर इलाके का रहने वाला एक हाई-प्रोफ़ाइल ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री है। रिशु श्री बड़ी कंपनियों और वरिष्ठ IAS अधिकारियों के बीच एक पावर ब्रोकर के तौर पर काम करता था। वह BUDCO और जीविका जैसे अहम विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले टेंडरों की गोपनीय शर्तें पहले ही लीक कर देता था। वह टेंडर के ड्राफ्ट में ऐसी शर्तें डलवाता था जिससे आम कॉम्पिटिटर्स बाहर हो जाएं और ठेका उसकी पसंदीदा कंपनियों को मिले।

इन सेवाओं के बदले में रिशु श्री कंपनियों से 8 से 10 प्रतिशत तक का एक तय कमीशन लेता था। इसी पैसे से वो IAS अफसरों को यूरोप टूर, आईफोन और रूफटॉप गार्डन जैसी लग्जरी सुख-सुविधाएं गिफ्ट करता था। 27 मई को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने रिशु श्री के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें 2 करोड़ रुपये के गहने और बेहिसाब संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। इन छापों के बाद, उसे गिरफ़्तार कर लिया गया और बाद में बेउर जेल भेज दिया गया।

दोनों अधिकारियों को मुख्यालय से अटैच किया गया

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबित किए गए दोनों IAS अधिकारियों का आधिकारिक मुख्यालय उनके निलंबन की पूरी अवधि के दौरान पटना स्थित सामान्य प्रशासन विभाग का मुख्य कार्यालय ही रहेगा। इस दौरान, उन्हें तय नियमों के अनुसार केवल गुजारा भत्ता ही मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, SVU और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमें अब दोनों अधिकारियों की चल और अचल संपत्तियों की, साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान जारी किए गए अन्य सभी बड़े टेंडरों से जुड़ी फ़ाइलों की गहन जांच करने की तैयारी कर रही हैं।

Updated on:
31 May 2026 08:16 am
Published on:
31 May 2026 08:16 am
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