पटना

सब्ज़ी बेचने वाले के बेटे ने रचा इतिहास! बिहार के झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को दिलाया पहला मेडल

बिहार के नालंदा जिले के हरनौत के रहने वाले झंडू कुमार ने पोलियो और आर्थिक तंगी जैसी चुनौतियों को मात देकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उसनेभारत के लिए इस संस्करण का पहला पदक दिलाया।
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Jul 25, 2026
jhandu kumar wins bronze
झंडू कुमार ने जीता भारत के लिए पदक

बिहार के नालंदा जिले के हरनौत के रहने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया। 28 वर्षीय खिलाड़ी ने पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर भारत के लिए इस संस्करण का पहला पदक हासिल किया। झंडू ने प्रतियोगिता में कुल 130.9 अंक अर्जित किए। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उनका स्कोर ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के लिए पर्याप्त रहा।

पोलियो और गरीबी को बनाया ताकत

झंडू कुमार की कहानी केवल एक मेडल जीतने की नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की मिसाल है। पोलियो के साथ जन्मे झंडू एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता सब्ज़ी बेचकर परिवार का गुजारा करते थे। आर्थिक तंगी और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा। सीमित संसाधनों में भी लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया।

एथलेटिक्स से शुरू हुआ था सफर

झंडू ने खेलों में अपने करियर की शुरुआत 2017 में पैरा एथलेटिक्स से की थी। उन्होंने एफ-55 शॉट पुट और डिस्कस थ्रो स्पर्धाओं में जिला और राज्य स्तर पर कई पदक जीते। इसी दौरान जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते समय उनकी ताकत ने कोचों का ध्यान खींचा। एक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के बाद उन्हें पैरा पावरलिफ्टिंग अपनाने की सलाह मिली और यही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।

पहली असफलता ने बदली जिंदगी

पैरा पावरलिफ्टिंग की पहली राष्ट्रीय चैंपियनशिप झंडू के लिए बेहद निराशाजनक रही। वह एक भी सफल लिफ्ट नहीं लगा सके। हालांकि उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमियों पर काम किया। उनकी प्रतिभा पर पैरालंपिक पदक विजेता राजिंदर सिंह राहेलू की नजर पड़ी, जिन्होंने उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गांधीनगर में प्रशिक्षण का अवसर दिलाया।

रिकॉर्ड से लेकर कॉमनवेल्थ मेडल तक

राहेलू के मार्गदर्शन में झंडू ने लगातार अपनी क्षमता साबित की। उन्होंने 2025 में 205 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और बाद में खेलो इंडिया पैरा गेम्स में इसे 206 किलोग्राम तक पहुंचाकर नया रिकॉर्ड कायम किया।

इसके बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा। बीजिंग वर्ल्ड कप 2025 और एशियन एंड ओशिनिया चैंपियनशिप 2026 में उन्होंने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक और ब्रॉन्ज़ अपने नाम कर उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन के दम पर किसी भी चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है।

झंडू कुमार की प्रमुख उपलब्धियां


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ब्रॉन्ज़ मेडल (भारत का पहला पदक)
एशियन एंड ओशिनिया चैंपियनशिप 2026: ब्रॉन्ज़ मेडल
बीजिंग वर्ल्ड कप 2025: ब्रॉन्ज़ मेडल
वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025: पांचवां स्थान
राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2025: गोल्ड मेडल
राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026: गोल्ड मेडल
72 किलोग्राम वर्ग में 206 किलोग्राम का राष्ट्रीय रिकॉर्ड

Updated on:
25 Jul 2026 12:11 pm
Published on:
25 Jul 2026 12:10 pm