
बिहार के पूर्वी चंपारण के सदर अस्पताल में उस समय लोगों की सांसें थम गईं, जब इलाज के लिए आए एक युवक ने अपने साथ लाए डिब्बे से जिंदा कोबरा निकालकर डॉक्टरों को दिखा दिया। कुछ ही पल में वार्ड में मौजूद मरीज, उनके परिजन और अस्पताल के कर्मचारी डरकर इधर-उधर हटने लगे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवक की पहचान निर्भय कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह एक छोटे कोबरा को सुरक्षित हटाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान साँप ने उसके हाथ पर काट लिया। इसके बावजूद उसने घबराने के बजाय सावधानी से साँप को एक डिब्बे में बंद किया और सीधे सदर अस्पताल पहुँच गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने सबसे पहले उसकी चिकित्सीय जांच शुरू की। इसी दौरान निर्भय ने डॉक्टरों को यह बताने के लिए डिब्बा खोल दिया कि उसे किस साँप ने काटा है। जैसे ही लोगों की नजर जिंदा कोबरा पर पड़ी, वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तुरंत वहां से दूर चले गए, जबकि कुछ लोग सुरक्षित दूरी से इस अनोखी घटना को देखने लगे। हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने संयम बनाए रखा और स्थिति को नियंत्रित किया। राहत की बात यह रही कि साँप पूरे समय डिब्बे के अंदर ही रहा और किसी अन्य व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद निर्भय की हालत सामान्य बताई। एहतियात के तौर पर उसे करीब 12 घंटे तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया, ताकि यदि ज़हर का कोई असर दिखाई दे तो तुरंत इलाज किया जा सके। यह घटना अस्पताल में दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। कई लोगों ने युवक के साहस की बात कही, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे दोहराने से साफ मना किया। उनका कहना है कि साँप के काटने के बाद उसे पकड़ने या साथ ले जाने की कोशिश करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। इससे पीड़ित के अलावा आसपास मौजूद अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
डॉक्टरों ने इसको लेकर सलाह दिया कि यदि किसी व्यक्ति को साँप काट ले, तो सबसे पहले मन को शांत रखें, प्रभावित अंग को अधिक हिलाने-डुलाने से बचाएं और बिना समय गंवाए नज़दीकी अस्पताल पहुंचाएं। सही समय पर इलाज और एंटी-स्नेक वेनम ही ऐसे मामलों में सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है।