
वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी (फोटो- sivanand tivary FB)
Bankipur bypoll: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के बीच बिहार में राजनीतिक हलचल तेज है। बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के वीडियो को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इसी बीच वरिष्ठ समाजवादी नेता और पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वीडियो अपील के पीछे की वजह बताई है। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी की चुनावी तैयारियों और उम्मीदवार चयन को लेकर बनी उलझन पर भी प्रतिक्रिया दी।
शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने कहा कि बांकीपुर वही निर्वाचन क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधित्व नितिन नवीन पहले बीजेपी विधायक के तौर पर कर चुके हैं। नवीन अभी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। इसके बावजूद वे अपनी पुरानी सीट पर एक आम पार्टी कार्यकर्ता की तरह गली-गली घूमकर अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे हैं।
शिवानंद तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के लिए नीतीश कुमार को भी उतार दिया है। तिवारी ने बताया कि उन्होंने नीतीश कुमार की एक वीडियो अपील सुनी है, जिसमें उन्होंने मतदाताओं से बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वीडियो मेसेज जारी करने का स्पष्ट मतलब है कि पार्टी इस चुनाव को बहुत गंभीरता से ले रही है। शिवानंद तिवारी के अनुसार, बीजेपी खुद मानती है कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में बहुत प्रभावशाली नेता हैं और उनके समर्थन के बिना चुनावी लड़ाई जीतना मुश्किल होगा।
शिवानंद तिवारी ने कहा कि बीजेपी की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को लेकर शुरू में जो उलझन दिखी, उससे पार्टी की शुरुआती तैयारियों पर शक पैदा होता है। पहले एक नाम का ऐलान किया गया था, लेकिन अचानक उसे बदल दिया गया और उसकी जगह किसी और उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया। तिवारी ने कहा कि भले ही नए उम्मीदवार के प्रति उनकी व्यक्तिगत सहानुभूति है, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उम्मीदवार का प्रचार करने का तरीका नए वोटरों को पार्टी की ओर खींच पाएगा। अक्सर, प्रचार की ऐसी रणनीतियों से फायदे के बजाय नुकसान ज़्यादा होता है।
शिवानंद तिवारी ने दावा किया कि इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर के बीच है। तेजस्वी यादव के प्रचार के बारे में तिवारी ने कहा कि हालांकि तेजस्वी ने बांकीपुर में रोड शो किया, लेकिन इस बात की संभावना कम है कि सिर्फ तीन-चार दिन के प्रचार से चुनावी माहौल पूरी तरह बदल जाएगा। हालांकि, अगर पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में आरजेडी का वोट शेयर बढ़ता है, तो इसे निश्चित रूप से पार्टी की सफलता माना जाएगा।
तिवारी ने बताया कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में अपना चुनावी प्रचार काफी पहले ही शुरू कर दिया था। चुनाव प्रबंधन और रणनीति में उनके अनुभव को देखते हुए इस बात की संभावना बहुत कम है कि वे बिना पूरी तैयारी, सर्वे और राजनीतिक आकलन के मैदान में उतरे होंगे। जो व्यक्ति वर्षों से दूसरों के लिए चुनावी गणित बनाता रहा हो, उसके लिए बिना तैयारी के मैदान में उतरना असंभव लगता है। तिवारी के अनुसार, मौजूदा राजनीतिक माहौल में पलड़ा थोड़ा प्रशांत किशोर के पक्ष में झुकता हुआ दिख रहा है।
शिवानंद तिवारी ने कहा कि हाल के छात्र विरोध प्रदर्शनों का असर बांकीपुर चुनाव पर भी पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पटना समेत बिहार के कई जिलों में विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और युवाओं पर केस दर्ज किए गए और कई लोगों को जेल में डाल दिया गया। बांकीपुर जैसे शहरी चुनाव क्षेत्र में, जहां युवा और छात्र अहम भूमिका निभाते हैं, इन घटनाओं का राजनीतिक असर पड़ना तय है और यह असर स्वाभाविक रूप से बीजेपी के खिलाफ जा सकता है।
शिवानंद तिवारी ने आखिर में कहा कि मौजूदा चुनावी माहौल को देखते हुए बांकीपुर में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है और बीजेपी के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी। हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ भी पक्का नहीं है, क्योंकि लोकतंत्र में आखिरी फैसला जनता और बैलेट बॉक्स के हाथ में होता है। फिलहाल, नीतीश कुमार के वीडियो मैसेज से यह साफ है कि NDA बांकीपुर की लड़ाई जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
Updated on:
28 Jul 2026 05:17 pm
Published on:
28 Jul 2026 05:15 pm
