पटना

ई-रिक्शा पर दिखे शिक्षा मंत्री, तो पैदल ही निकल पड़े मंत्री दीपक प्रकाश; बिहार में नो व्हीकल डे का असर

Bihar No Vehicle Day: प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील पर बिहार सरकार ने आज नो व्हीकल डे मनाया। जिसका असर यह हुआ कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश पैदल चलकर सचिवालय पहुंचे, वहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ई-रिक्शा की सवारी कर अपने कार्यालय पहुंचे।
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May 15, 2026
Bihar No Vehicle Day
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश

Bihar No Vehicle Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद बिहार की सियासत में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने आज 'नो व्हीकल डे' मनाया। इस पहल के तहत राजधानी पटना की सड़कों पर सूबे के रसूखदार मंत्री और वीआईपी बिना सुरक्षा काफिले के पैदल, साइकिल और ई-रिक्शा पर नजर आए। इस अभियान की शुरुआत खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास से सचिवालय तक की दूरी पैदल तय कर कार्यालय पहुंचे।

ई-रिक्शा पर सवार हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी

राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज अपनी लग्जरी सरकारी गाड़ी को छोड़कर ई-रिक्शा (हवा-हवाई) से शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंचे। ई-रिक्शा पर सवार होकर दफ्तर जाते समय शिक्षा मंत्री काफी उत्साहित दिखे और उन्होंने रास्ते भर अपने समर्थकों के साथ भारत माता की जय के नारे भी लगाए। उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि धरती को बचाने की हमारी जिम्मेदारी है।

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने निकले पैदल

बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने भी आज सादगी की अनूठी मिसाल पेश की। वे अपने सरकारी आवास से सचिवालय तक लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर दफ्तर पहुंचे। कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने कहा, "ईंधन की खपत कम करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आज के समय की मांग है। मैं सभी पदाधिकारियों और कर्मियों से आग्रह करता हूं कि वे निजी वाहनों का उपयोग कम करें और पैदल या साइकिल को प्राथमिकता दें।'

मुख्यमंत्री ने पैदल चलकर की शुरुआत, काफिले में भी की कटौती

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुहिम की कमान खुद संभाली। वे अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय तक करीब 50 मीटर की दूरी पैदल तय कर पहुंचे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने अपने सुरक्षा काफिले (कारकेड) में गाड़ियों की संख्या को भी कम करने का बड़ा फैसला लिया है।

खगड़िया में साइकिल पर निकले DM-SP

पटना के अलावा दूसरे जिलों में भी इस अपील का व्यापक असर दिखा। खगड़िया में जिला प्रशासन ने अद्भुत नजारा पेश किया, जहाँ जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) अपनी आधिकारिक गाड़ियां छोड़कर साइकिल से दफ्तर पहुंचे। उनके पीछे-पीछे उनके सुरक्षाकर्मी भी हाथ में हथियार लिए साइकिल चलाते नजर आए।

Updated on:
15 May 2026 03:33 pm
Published on:
15 May 2026 03:33 pm