पटना

कौन हैं IAS अभिलाषा और योगेश? बिहार टेंडर घोटाले में जिनके घर हुई रेड, घर से गायब मिले दोनों अफसर

SVU Raid in Bihar Tender Scam: स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने शुक्रवार को बिहार के दो सीनियर IAS अधिकारियों के घरों पर छापेमारी की। ये अधिकारी अभी एक टेंडर घोटाले के सिलसिले में सस्पेंड चल रहे हैं। यह कार्रवाई घोटाले के मास्टरमाइंड कॉन्ट्रैक्टर ऋशुश्री से कस्टडी में हुई पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई। जानिए कौन हैं ये दोनों अधिकारी।

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Jun 19, 2026
svu raid in Bihar Tender scam
IAS योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा

Bihar Tender Scam: बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने शुक्रवार को दो सीनियर IAS अधिकारियों योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा के पटना स्थित घरों पर एक साथ छापेमारी की। ये दोनों अधिकारी अभी चर्चित टेंडर घोटाले में सस्पेंड चल रहे हैं। SVU की यह कार्रवाई घोटाले के मास्टरमाइंड, ठेकेदार रिशु श्री से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और चैट रिकॉर्ड के आधार पर की गई। हैरानी की बात यह है कि छापेमारी के दौरान दोनों में से कोई भी IAS अधिकारी घर पर नहीं मिला। IAS अभिलाषा शर्मा का घर बंद था, तो विजिलेंस टीम स्टाफ क्वार्टर के रास्ते घर के अंदर गई और दस्तावेजों की जांच शुरू की।

IAS योगेश कुमार सागर कौन हैं?

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले योगेश कुमार सागर बिहार कैडर के 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं। 15 अप्रैल 1988 को जन्मे योगेश ने 2012 में लखनऊ की मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से MBBS की डिग्री हासिल की। ​​प्रशासनिक सेवा में आने के बाद योगेश के पहली पोस्टिंग अररिया के फारबिसगंज में SDO के तौर पर हुई। इसके बाद वो भागलपुर नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर बने और फिर 7 मार्च 2024 से 17 फरवरी 2025 तक BUIDCO के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) का पद संभाला। सस्पेंशन के समय वे समाज कल्याण विभाग के डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे।

IAS योगेश सागर पर क्या आरोप हैं?

आरोप है कि BUIDCO के MD के तौर पर काम करते हुए, योगेश सागर ने नियमों को ताक पर रखकर रिशु श्री के पार्टनर और करीबी सहयोगियों की ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को ब्लैकलिस्ट से बाहर निकाला और टेंडर फिक्सिंग में शामिल रहे। ED की जांच से पता चला कि इस एहसान के बदले रिशु श्री की शेल कंपनियों ने जून 2024 में IAS अधिकारी योगेश सागर और उनके आठ रिश्तेदारों की वियना, साल्ज़बर्ग और वोल्फगैंग (ऑस्ट्रिया) की यात्रा का पूरा खर्च उठाया, जिसका कुल बिल 21.92 लाख रुपया था।

IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा कौन हैं?

बिहार कैडर की 2014 बैच की IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने पश्चिम बंगाल के यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है। 26 जनवरी 1989 को जन्मीं अभिलाषा ने अपने करियर की शुरुआत केंद्रीय विभाग से की थी। उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है, जिनमें सीतामढ़ी की जिलाधिकारी और वित्त विभाग में संयुक्त सचिव का पद शामिल है। सस्पेंड होने से ठीक पहले वह ग्रामीण विकास विभाग के तहत 'जीविका' (JEEVIKA) की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) के तौर पर काम कर रही थीं।

अभिलाषा शर्मा पर क्या आरोप हैं?

हालांकि अभिलाषा शर्मा सीधे तौर पर BUIDCO में कार्यरत नहीं थीं, लेकिन शहरी विकास और आवास विभाग में संयुक्त सचिव के तौर पर उनका इस एजेंसी पर प्रशासनिक नियंत्रण था। आरोप है कि उन्होंने इस पद का इस्तेमाल रिशु श्री की कंपनियों के पक्ष में टेंडर की शर्तों में हेरफेर करने के लिए किया। जांच में पता चला कि इस मदद के बदले रिशु श्री ने उन्हें महंगे तोहफे दिए और उनके रिश्तेदारों की गोवा और दिल्ली की यात्रा का खर्च उठाया। इसके अलावा रिशु श्री ने उनके सरकारी आवास पर 9 लाख रुपये का एक शानदार रूफटॉप गार्डन बनवाया।

दस्तावेजों की जांच-पड़ताल जारी

फिलहाल, स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की टीमें दोनों IAS अधिकारियों के घरों से जब्त किए गए वित्तीय दस्तावेज़ों और डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच कर रही हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी बाहरी दखल को रोकने के लिए अधिकारियों के घरों के बाहर अत्याधुनिक हथियारों से लैस एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) के जवानों को तैनात किया गया है। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

Updated on:
19 Jun 2026 12:47 pm
Published on:
19 Jun 2026 12:46 pm