पार्टी से निकाले गए पूर्व जेडीयू एमएलए गोपाल मंडल एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके बेटे आशीष मंडल ने सोशल मीडिया पर गोपाल मंडल का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे होलिका दहन के दौरान खुलेआम हथियार लहरा रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इसे आर्म्स एक्ट का उल्लंघन मानते हुए FIR दर्ज की है।
Bihar News: अपने बयानों और हरकतों से हमेशा विवादों में रहने वाले जदयू (JDU) से निष्कासित पूर्व विधायक गोपाल मंडल एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। बिहार के भागलपुर में अपने निजी आवास पर होलिका दहन के दौरान सरेआम हथियार लहराने के आरोप में उनके खिलाफ बरारी थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दिलचस्प बात यह है कि इस विवाद की शुरुआत उनके अपने बेटे के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई।
होलिका दहन (2 मार्च 2026) के मौके पर गोपाल मंडल के आवास पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस उत्सव के दौरान पूर्व विधायक अचानक अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर हाथ में लेकर लोगों के बीच पहुंच गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि होली का उत्सव चल रहा है, ढोल-नगाड़ों और रंग-गुलाल के बीच गोपाल मंडल भीड़ के बीच हाथ में रिवॉल्वर लिए टहल रहे हैं और लोगों से मिल रहे हैं।
गोपाल मंडल के बेटे आशीष मंडल ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने अपने पिता की तारीफ करते हुए एक लंबा और भावुक संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने अपने पिता को असली पूंजी बताया। आशीष ने लिखा, "हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे चुनाव जीतते हैं या हारते हैं, हमारे लिए सबसे बड़ी जीत यह है कि वे हर उस व्यक्ति की आवाज बनकर खड़े रहते हैं जिसकी कोई सुनवाई नहीं होती। वे उन लोगों के लिए ढाल बनते हैं जिन्हें दबाया जाता है, चाहे प्रशासन हो या कोई बाहुबली ताकत। जहां लोग डरकर चुप हो जाते हैं, वहां वे निडर होकर सच के साथ खड़े रहते हैं।"
आशीष मंडल आगे लिखते हैं, "गोपाल मंडल जैसे जननेता हमारे लिए सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष और न्याय की पहचान हैं। हमें गर्व है कि हम ऐसे इंसान के साथ खड़े हैं, जो अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए जीते हैं। जय हिंद! जय बिहार! आप सभी को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं।" बेटे का यह 'गर्व' भरा पोस्ट पुलिस के लिए सबूत बन गया और अब गोपाल मंडल पर कानूनी गाज गिर गई है।
वीडियो के संज्ञान में आते ही भागलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो को वेरीफाई करने के बाद बरारी थाने में आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने न केवल एफआईआर दर्ज की है, बल्कि हथियार के लाइसेंस की वैधता की जांच के लिए जिला शास्त्र दंडाधिकारी को पत्र भी भेजा है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में हथियार का प्रदर्शन नियमों का उल्लंघन है और इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह पहला मौका नहीं है जब गोपाल मंडल हथियार को लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले वे जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) परिसर में भी सरेआम रिवॉल्वर लहराते हुए देखे गए थे। उस वक्त भी प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका हथियार जब्त कर लिया था। बार-बार चेतावनी और कार्रवाई के बावजूद पूर्व विधायक का यह अंदाज राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गौरतलब है कि गोपाल मंडल लंबे समय तक नीतीश कुमार की पार्टी जदयू से जुड़े रहे, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। उनके स्थान पर गोपालपुर सीट से शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को उम्मीदवार बनाया गया। बागी होकर गोपाल मंडल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। फिलहाल वे पार्टी से निष्कासित हैं और सार्वजनिक जीवन में अपेक्षाकृत कम सक्रिय थे, लेकिन इस 'कांड' ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया है।