पटना

हिजाब विवाद: 23 दिन बाद नुसरत परवीन ने ज्वाइन की नौकरी, झारखंड का 3 लाख रुपये का ऑफर ठुकराया

हिजाब विवाद की वजह से चर्चा में आईं आयुर्वेदिक डॉक्टर नुसरत परवीन ने बिहार में अपनी ड्यूटी जॉइन कर ली है। उन्होंने तमाम राजनीतिक दबाव और झारखंड सरकार के लाखों के ऑफर को दरकिनार कर दिया है।

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Jan 07, 2026
बिहार हिजाब विवाद (Photo- IANS)

हिजाब विवाद की वजह से पूरे देश में सुर्खियों में आईं आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन ने आखिरकार 23 दिन बाद बिहार सरकार में अपनी नौकरी जॉइन कर ली है। मेडिकल जांच पूरी करने के बाद उन्होंने औपचारिक रूप से जॉइन किया। इसकी पुष्टि सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने की। नुसरत के जॉइन करने के साथ ही पिछले तीन हफ्तों से चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है।

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आखिरी दिन जॉइन किया, डेडलाइन बढ़ाई गई थी

स्वास्थ्य विभाग ने शुरू में नुसरत परवीन के जॉइन करने की आखिरी तारीख 20 दिसंबर तय की थी। बाद में इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर और फिर 7 जनवरी कर दिया गया। इसलिए, 7 जनवरी नुसरत के लिए नौकरी जॉइन करने का आखिरी मौका था। इस बीच, 6 जनवरी को नुसरत परवीन की मेडिकल जांच हुई और मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी कर विभाग जॉइन कर लिया।

पूरा विवाद 15 दिसंबर को शुरू हुआ

यह पूरा मामला 15 दिसंबर को सामने आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में आयुष डॉक्टरों को अपॉइंटमेंट लेटर बांट रहे थे। जब नुसरत परवीन को स्टेज पर बुलाया गया, तो मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत के दौरान उनके हिजाब की ओर इशारा करते हुए पूछा, "यह क्या है?" और फिर उसे अपने हाथ से हटा दिया। स्टेज पर मौजूद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक नुसरत सार्वजनिक रूप से असहज हो चुकी थीं। घटना के तुरंत बाद, यह मामला राजनीतिक और धार्मिक बहस में बदल गया।

23 दिनों तक गायब रहीं नुसरत

हिजाब विवाद के बाद, नुसरत परवीन न तो कॉलेज में दिखीं और न ही अपने घर पर। उनका घर बंद रहा और उनका परिवार भी चुप रहा। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि नुसरत बिहार छोड़ देंगी या नौकरी जॉइन नहीं करेंगी।

झारखंड के मंत्री ने बड़ा ऑफर दिया

इस बीच, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने नुसरत परवीन को झारखंड में नौकरी का ऑफर दिया। मंत्री ने कहा कि अगर नुसरत झारखंड आती हैं, तो उन्हें 3 लाख रुपये महीने की सैलरी, बोनस, अपनी पसंद की पोस्टिंग, सरकारी फ्लैट और पूरी सुरक्षा दी जाएगी। उन्होंने तुलना करते हुए कहा था कि बिहार में उन्हें करीब 32 हजार रुपये सैलरी मिलेगी।

हालांकि, सभी चर्चाओं और राजनीतिक बयानबाजी के बीच, नुसरत परवीन ने झारखंड के आकर्षक ऑफर को ठुकरा दिया और बिहार सरकार की नौकरी करने का फैसला किया।

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Updated on:
07 Jan 2026 06:51 pm
Published on:
07 Jan 2026 06:48 pm
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